2030 तक 50 गीगावाट का लक्ष्य: स्वच्छ ऊर्जा और स्टोरेज से बदलेगा भविष्य, सागर अदाणी का बड़ा विजन
लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान लंदन के साइंस म्यूजियम में आयोजित पहले अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में सागर अदाणी ने वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा की किफायत और पर्यावरणीय स्थिरता तीनों चुनौतियों का समाधान बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण के जरिए संभव है। जो देश मजबूत अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करना चाहते हैं उनके लिए यह अब विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता बन चुका है।
सागर अदाणी ने कहा कि केवल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन पर्याप्त नहीं है। इन स्रोतों को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को लगातार और भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अदाणी ग्रीन एनर्जी वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। गुजरात के खावड़ा में विकसित हो रहा विशाल नवीकरणीय ऊर्जा पार्क इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है जहां बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है।
इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में नीति निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और जलवायु विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए मजबूत नीतियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बड़े निवेश की आवश्यकता होगी। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के लिए देशों के बीच सहयोग और तकनीकी साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन के सह-अध्यक्ष लॉर्ड अडेयर टर्नर ने कहा कि यदि दुनिया को शून्य उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना है तो बिजली आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देनी होगी। उनके अनुसार सड़क परिवहन, भवनों की हीटिंग और औद्योगिक प्रक्रियाओं में विद्युतीकरण पहले से ही आर्थिक रूप से लाभदायक साबित हो रहा है। वहीं नई तकनीकों की मदद से भारी उद्योगों में भी स्वच्छ बिजली का उपयोग तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
एम्बिशन लूप के सह-संस्थापक और यूके क्लाइमेट चेंज कमेटी के अध्यक्ष नाइजेल टॉपिंग ने कहा कि बिजली उत्पादन को कार्बन मुक्त बनाने के साथ-साथ उन क्षेत्रों का भी तेजी से विद्युतीकरण करना होगा जो अभी तक जीवाश्म ईंधन पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक बिजली ग्रिड और घटती तकनीकी लागत बड़े निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अदाणी समूह ऊर्जा परिवर्तन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की प्रतिबद्धता जता चुका है। समूह नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, बिजली ट्रांसमिशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई औद्योगिक तकनीकों में लगातार निवेश कर रहा है। हाल ही में समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने और 10 गीगावाट तक परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना की घोषणा करते हुए भरोसेमंद और कम कार्बन ऊर्जा भविष्य की दिशा में समूह की दीर्घकालिक रणनीति को दोहराया।
