March 9, 2026

संघर्ष से सम्मान तक: यूपी के 30 बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में शामिल, CM योगी के सामने करेंगे मार्च

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कभी सड़कों पर भीख मांगने या छोटे-मोटे काम करने को मजबूर रहे 30 बच्चों की जिंदगी अब देशभक्ति और सम्मान से भरने जा रही है। जिला प्रशासन और एक गैर-सरकारी संस्था की अनूठी पहल से इन बच्चों को 26 जनवरी को लखनऊ में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने का ऐतिहासिक मौका मिला है। यह बच्चे परेड में मार्चिंग बैंड का हिस्सा बनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रदर्शन करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल न सिर्फ बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश है कि सही दिशा और सहयोग मिले तो कोई भी बच्चा अपनी किस्मत बदल सकता है।

प्रशासन और NGO की साझेदारी से बदली तस्वीर

यह सराहनीय पहल संभल जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संस्था ‘उम्मीद’ के संयुक्त प्रयास का नतीजा है। संस्था की प्रमुख रैना शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर पूरे जिले में विशेष सर्वे कराया गया, जिसमें 268 भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान की गई। इनमें से 30 बच्चों को चुनकर उन्हें न केवल सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया, बल्कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए विशेष रूप से तैयार भी किया गया।

इन बच्चों के आधार कार्ड समेत सभी जरूरी दस्तावेज पूरे कराए गए हैं और उन्होंने अब पूरी तरह से भीख मांगना छोड़ दिया है।

7 से 14 साल के बच्चों को मिला विशेष प्रशिक्षण

रैना शर्मा ने बताया कि चयनित बच्चे 7 से 14 वर्ष की उम्र के हैं। इन्हें बहजोई पुलिस लाइन में विशेष परेड और मार्चिंग बैंड का प्रशिक्षण दिया गया। परेड में इस्तेमाल होने वाले सभी बैंड वाद्ययंत्र जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए, ताकि बच्चों को किसी भी तरह की कमी महसूस न हो।

उन्होंने कहा कि बाकी बच्चों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके दस्तावेज तैयार करने का काम लगातार जारी है।

‘भीख से सीख’ अभियान बना बदलाव की मिसाल

इन बच्चों का पुनर्वास ‘भीख से सीख’ नामक विशेष अभियान के तहत किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य भीख मांगने पर निर्भर बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और आत्मसम्मान की राह पर लाना है। लखनऊ गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर ये बच्चे संभल जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे और पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनेंगे।

दिल्ली की परेड तक पहुंच सकता है सपना

संस्था ‘उम्मीद’ की प्रमुख रैना शर्मा ने बताया कि अगर बच्चों का प्रदर्शन इसी तरह सराहनीय रहा तो आने वाले वर्षों में उन्हें नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में शामिल करने पर भी विचार किया जा सकता है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने भी उम्मीद जताई कि यह अनुभव बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देगा।

जो बच्चे कभी पहचान और सम्मान से दूर थे, आज वे राष्ट्रीय पर्व पर कदमताल कर देशभक्ति की मिसाल बनने जा रहे हैं। यह कहानी सिर्फ 30 बच्चों की नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जो मानती है कि हर बच्चा अवसर मिलने पर चमक सकता है।

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