August 8, 2026

विचार विमर्श

नारी-आरक्षणः नये भारत का आधार एवं संभावनाओं का शिखर

-ललित गर्गनारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भारत की राजनीति और समाज में जो नई चेतना उभरकर सामने आई है,...

महाशक्ति टकराव और वैश्विक अस्थिरता: क्या दुनिया महाविनाश की ओर बढ़ रही है?

- अशोक कुमार झाआज का विश्व एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ हर दिन के साथ अनिश्चितता और...

डॉ. भीमराव आंबेडकर: बहुआयामी व्यक्तित्व का समग्र परिप्रेक्ष्य

-डॉ. सदानंद दामोदर सप्रेभारतीय इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी छवि समाज के सामने सीमित रूप में...

हमारे जनप्रतिनिधि और संविधान: जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व

डॉ राकेश कुमार आर्य.देश की संसद अर्थात शीर्ष सभा के सभासद कैसे हों ? – इस पर अपना मत व्यक्त...

बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर: संविधान निर्माता और सामाजिक क्रांति के नायक..

प्रदीप कुमार वर्माभारतीय संविधान के कुशल शिल्पकार, वंचित एवं दलितों के मसीहा, कुशल राजनीतिक एवं प्रखर समाजशास्त्री, एक समर्पित शिक्षक...

अब नहीं पनपेंगे माओवादी : जरा याद इन्हें भी कर लो

- कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल देश से सशस्त्र माओवादी आतंक का खात्मा हो गया है। लेकिन अर्बन नक्सलियों का माड्यूल अभी...

उपेक्षित आबादी बनाम वैश्विक एजेंडा: असली मुद्दे क्यों ओझल हो रहे हैं?

-कैलाश चन्द्र भारत का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य जितना विशाल है, उतना ही जटिल भी है। इस जटिलता के बीच आज हमारे...

उपेक्षित आबादी बनाम वैश्विक एजेंडा: असली मुद्दे क्यों ओझल हो रहे हैं?

-कैलाश चन्द्रभारत का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य जितना विशाल है, उतना ही जटिल भी है। इस जटिलता के बीच आज हमारे सामने...

वीआईपी दर्शन के बढ़ते चलन में आम श्रद्धालु कहाँ खड़ा है?

डॉ. सत्यवान सौरभभारत जैसे देश में जहाँ धर्म और आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास का विषय नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक...

नारी शिक्षा के अग्रदूत ज्योतिबा फुले

- मोहन मंगलमज्योतिबा फुले के संक्षिप्त नाम से ख्यात महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले महान समाजसेवी, समाज सुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक,...