पत्रकारिता की आज़ादी या जिम्मेदारी? लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बड़ा सवाल
लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावों से तय नहीं होती, बल्कि इस बात से भी होती है कि समाज में सच...
लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावों से तय नहीं होती, बल्कि इस बात से भी होती है कि समाज में सच...
जब भी हम अस्पताल का नाम सुनते हैं, हमारे मन में डॉक्टरों की छवि सबसे पहले आती है।लेकिन उसी अस्पताल...
विशेष लेख-समाज को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए कानून की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही गहरी उसकी...
मॉरीशस की स्वतंत्रता की कहानी केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक जागरण, शिक्षा और सांस्कृतिक पुनरुत्थान...
दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही रिश्तों की परिभाषा भी नई शक्ल ले रही है। हाल...
उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया...
दुनियाभर में हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला मजदूर दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रमिकों के...
-कैलाश चन्द्र भारत का संवैधानिक ढाँचा अनुसूचित जातियों (एससी) को उन ऐतिहासिक सामाजिक विषमताओं से उबारने के लिए विशेष संरक्षण...
विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) पर विशेष- योगेश कुमार गोयलमलेरिया एक गंभीर और कभी-कभी प्राणघातक हो जाने वाली बीमारी है,...