शेयर बाजार में शानदार रैली! सेंसेक्स 650 अंक चढ़ा, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें
बाजार में यह तेजी कई घरेलू और वैश्विक कारणों के चलते देखने को मिल रही है, जिनमें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों का सकारात्मक रुख प्रमुख हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
लार्जकैप कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 Index 721 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,892 पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 Index 274 अंक या 1.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,406 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक खरीदारी हो रही है और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सहारा
भारतीय बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को माना जा रहा है। Brent Crude की कीमत करीब 6 प्रतिशत गिरकर 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में आई तेज गिरावट से ऊर्जा लागत कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे शेयर बाजार को समर्थन मिला है।
ट्रंप के बयान से कम हुआ भू-राजनीतिक तनाव
कच्चे तेल में आई गिरावट के पीछे अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का बयान भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि Iran के साथ चल रहा युद्ध समाप्त होने के करीब है।
इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव कम होने की उम्मीद बनी, जिससे तेल की कीमतों में नरमी आई और इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर पड़ा।
रुपये की मजबूती से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
शेयर बाजार में तेजी का एक कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा की मजबूती भी है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया मजबूत दिखाई दिया।
कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये का उच्चतम स्तर 91.72 और न्यूनतम स्तर 92.33 रहा। मजबूत रुपये से आयात लागत कम होने की उम्मीद रहती है, जिससे बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बनता है।
इंडिया विक्स में गिरावट से घटा बाजार का डर
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX भी मंगलवार को तेजी से नीचे आया। खबर लिखे जाने तक यह करीब 15.37 प्रतिशत गिरकर 19.77 पर पहुंच गया था। इंडिया विक्स में गिरावट का मतलब है कि बाजार में डर कम हो रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है, जो शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
वैश्विक बाजारों से भी मिला समर्थन
वैश्विक बाजारों में तेजी का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। एशिया के प्रमुख बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite Index और Hang Seng Index बढ़त के साथ खुले।
इसके अलावा सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजारों में भी मजबूती देखी गई। वहीं अमेरिकी बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और भारतीय शेयर बाजार को भी सहारा मिला।
