सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, आईटी शेयरों ने संभाला बाजार, मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 74,459.53 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,053.10 पर आ गया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के साथ बाजार बंद होने के बावजूद कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी बनी रही।
लार्जकैप शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 540.40 अंक यानी 0.93 प्रतिशत गिरकर 57,301.25 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 347.75 अंक यानी 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 18,463.60 के स्तर पर आ गया। इन दोनों सूचकांकों में गिरावट से छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की बिकवाली का संकेत मिला।
सेक्टर आधारित कारोबार में आईटी शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक समर्थन दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन के प्रमुख लाभ वाले सूचकांकों में शामिल रहा। निफ्टी हेल्थकेयर में भी 1.58 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी फार्मा 1.55 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.17 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्पशन 0.29 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर, कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी इंडिया डिफेंस में 2.01 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.78 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 1.46 प्रतिशत कमजोर हुआ। निफ्टी एनर्जी में 0.97 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.93 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ट्रेंट, इंडिगो, इन्फोसिस, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इटरनल, टेक महिंद्रा, एचयूएल टेक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, आईटीसी, एशियन पेंट्स, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एचयूएल और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए। इसके विपरीत एसबीआई, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट रही।
बाजार में कमजोरी के पीछे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को भी प्रमुख कारण माना गया। महंगाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच यूरोपीय केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ जापान ने भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरह ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की चिंता दोबारा बढ़ी है। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखाई दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से जुड़ी नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया। इस माहौल में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बड़े स्तर पर बिकवाली हुई। दूसरी ओर, वैश्विक एआई शेयरों से कुछ निवेश निकलकर चुनिंदा आईटी कंपनियों में खरीदारी के रूप में आया। बेहतर नतीजों और डिफेंसिव मांग के चलते फार्मा तथा हेल्थकेयर शेयरों में भी मजबूती बनी रही। इस तरह आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र की खरीदारी के बावजूद व्यापक बाजार में गिरावट का रुख कायम रहा।
