March 8, 2026

नियम तोड़े, नहीं बख्शेंगे! RBI ने 35 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द

0

नई दिल्‍ली। वित्तीय अनुशासन को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। रेगुलेटरी नियमों का लगातार उल्लंघन करने पर आरबीआई ने 35 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि ये कंपनियां अब किसी भी तरह का एनबीएफसी से जुड़ा कारोबार नहीं कर सकेंगी। यह फैसला आम निवेशकों और कर्ज लेने वालों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है।

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई आरबीआई एक्ट, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए की है। केंद्रीय बैंक के अनुसार ये कंपनियां लंबे समय से जरूरी शर्तों और नियामकीय मानकों का पालन नहीं कर रही थीं, जिसके चलते उन्हें एनबीएफसी के रूप में काम करने की अनुमति वापस ले ली गई।

मामले में सामने आया है कि आरबीआई द्वारा सात जनवरी 2026 को जारी सर्कुलर में बताया गया है कि इन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के आदेश अलग-अलग तारीखों पर 9 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच जारी किए गए थे। इसका सीधा मतलब है कि इन तारीखों के बाद ये कंपनियां कानूनी रूप से किसी भी तरह का एनबीएफसी कारोबार नहीं कर सकतीं।

क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?

आरबीआई के मुताबिक, जिन 35 एनबीएफसी के खिलाफ यह कदम उठाया गया है, उन्होंने कई अहम नियमों का उल्लंघन किया। इनमें न्यूनतम नेट ओन्ड फंड (NOF) बनाए न रखना, पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) का पालन न करना, समय पर वित्तीय रिपोर्टिंग न करना और एसेट क्लासिफिकेशन से जुड़े मानकों की अनदेखी शामिल है। कई कंपनियां लंबे समय से निष्क्रिय (डोरमेंट) स्थिति में थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका रजिस्ट्रेशन बरकरार था, जो वित्तीय प्रणाली के लिए जोखिम पैदा कर रहा था।

आर्थ‍िक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई आरबीआई के ‘स्केल-बेस्ड रेगुलेशन’ और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भी 2023 और 2024 में कई एनबीएफसी के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।

ये है 35 NBFCs की पूरी सूची

सत्य प्रकाश कैपिटल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड

AG सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड

ALB लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड

ATM क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

कॉर्पोरेट कैपिटल सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

डेसिसिव फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड

डिवाइन इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

लिबर्टी प्राइवेट लिमिटेड सेल्स

पर्ल्स हायर परचेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड

क्वासर इंडिया फिनकैप प्राइवेट लिमिटेड

सनलाइफ सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड

सनराइज मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड

स्वितो फाइनेंस एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड

त्रिवेणी विनिमय प्राइवेट लिमिटेड

ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी मार्केटिंग लिमिटेड

यूनिट्रॉन फिनलीज लिमिटेड

वीरा सिक्योरिटीज एंड फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड

विनी फाइनेंशियल एंड मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

शिवोम इन्वेस्टमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड

अधिनाथ इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

एग्रोहा सेविंग्स लिमिटेड

अहुसंस फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

अल्टर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड

एसोसिएटेड लीजिंग लिमिटेड

अटलांटिक लीजिंग लिमिटेड

BHL फॉरेक्स एंड फिनलीज लिमिटेड

भरतपुरिया फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड

दादा देव फाइनेंस एंड लीजिंग प्राइवेट लिमिटेड

ईस्ट दिल्ली लीजिंग प्राइवेट लिमिटेड

इकोनॉमिक कैपिटल सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

ESN फाइनेंस एंड कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड

FMI इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

गणपति फिनकैप सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड

गुडवर्थ सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड

गोपाल ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड

बाजार और निवेशकों पर असर

आरबीआई के इस कदम को वित्तीय बाजार में सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कमजोर और नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों के बाहर होने से एनबीएफसी सेक्टर की साख मजबूत होगी। दूसरी ओर इससे जुड़ा एक पक्ष ये भी है कि जिन निवेशकों या ग्राहकों का पैसा इन कंपनियों में फंसा है, उनके लिए यह स्थिति चिंता का विषय हो सकती है। ऐसे मामलों में निवेशकों को कानूनी रास्ता अपनाना पड़ सकता है, क्योंकि आरबीआई इन कंपनियों के लेन-देन की गारंटी नहीं देता।

आम जनता के लिए आरबीआई की अहम सलाह

आरबीआई ने इस मौके पर आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि किसी भी निवेश, लोन या वित्तीय लेन-देन से पहले यह जरूर जांच लें कि संबंधित कंपनी आरबीआई में पंजीकृत है या नहीं। इसके लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध एनबीएफसी की सूची देखी जा सकती है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *