पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से बाजार खोलने, नियामकीय प्रक्रियाएं सरल करने और निर्बाध व्यापार को बढ़ावा देने की अपील की
केंद्रीय मंत्री ने खास तौर पर सेवा क्षेत्र के बाजारों को अधिक खोलने की जरूरत बताई। उन्होंने ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों से एक-दूसरे के लिए सेवा बाजार खोलने का आह्वान किया। उनके अनुसार, सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को केवल मौजूदा स्तर तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
गोयल ने संयुक्त नवाचार को नया मानदंड बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने की अपील की। उनका जोर ऐसे आर्थिक सहयोग पर रहा, जिससे सदस्य देशों के बीच व्यापारिक अवसर बढ़ सकें और आपसी आर्थिक एकीकरण को मजबूती मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स देशों के कृषि-तकनीक यानी एग्री-टेक स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मिलकर काम करने से किसानों के लिए समाधान विकसित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, इससे लोगों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों को भी समर्थन मिल सकता है।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भी ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को व्यावहारिक कारोबारी उपलब्धियों में बदलना महत्वपूर्ण है।
जितिन प्रसाद के अनुसार, प्राथमिकताओं में बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, सदस्य देशों के बीच संतुलित व्यापार सुनिश्चित करना और सेवा क्षेत्र में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना शामिल है।
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जा रही है। भारत की 2026 की अध्यक्षता का मार्गदर्शन “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” थीम से हो रहा है। इस थीम के तहत मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
भारत की अध्यक्षता में विकास, स्थिरता और नवाचार को एजेंडे के केंद्र में रखा गया है। साथ ही, ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी प्रमुखता दी जा रही है। भारत ब्रिक्स को एक रचनात्मक और समाधान-केंद्रित मंच के रूप में और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ये देश सामूहिक रूप से दुनिया की 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
