May 9, 2026

लॉरियल के साथ भारत के ब्यूटी सेक्टर पर बड़ी चर्चा, पीयूष गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर

0
untitled-1778250908

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को फ्रांस की प्रमुख ब्यूटी और पर्सनल केयर कंपनी L’Oréal Group के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत में ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर को और अधिक मजबूत बनाना, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना और निर्यात के नए अवसर तलाशना रहा।

पीयूष गोयल ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लॉरियल के दक्षिण एशिया, प्रशांत, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र के अध्यक्ष विस्मय शर्मा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। इस दौरान भारत से सोर्सिंग, मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक बाजारों में निर्यात को विस्तार देने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि भारत को ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री का एक प्रमुख वैश्विक हब बनाया जा सकता है। इसके लिए निवेश को बढ़ावा देने और तकनीक आधारित उत्पादन क्षमता विकसित करने की जरूरत पर सहमति बनी।

मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि लॉरियल ने हाल ही में हैदराबाद में अपना विश्व का सबसे बड़ा ब्यूटी टेक ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर स्थापित किया है। यह केंद्र कंपनी की वैश्विक रणनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारत को एआई आधारित ब्यूटी इनोवेशन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

इस परियोजना के तहत लॉरियल ने करीब 383.4 मिलियन डॉलर के शुरुआती निवेश से ब्यूटी टेक और इनोवेशन हब विकसित किया है। कंपनी का लक्ष्य इसे भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ब्यूटी सॉल्यूशंस का वैश्विक केंद्र बनाना है। अनुमान है कि 2030 तक इस पहल से लगभग 2,000 तकनीकी नौकरियां भी पैदा होंगी।

यह केंद्र न केवल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल सेवाओं के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे भारत की भूमिका वैश्विक ब्यूटी इंडस्ट्री में और मजबूत होने की उम्मीद है।

बैठक के दौरान भारत और फ्रांस के व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में स्थिर वृद्धि के साथ आगे बढ़ा है और वित्त वर्ष 2024-25 में कुल व्यापार 12.67 अरब यूरो तक पहुंच गया। इसमें भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है।

इसके अलावा, वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 4.6 प्रतिशत बढ़कर 863.11 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और टैरिफ विवादों के बावजूद भारत की मजबूत निर्यात क्षमता को दर्शाता है।

पीयूष गोयल ने हाल ही में विभागीय अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में भी इस बात पर जोर दिया कि भारत को नए वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और अधिक से अधिक निर्यातकों को अवसर देने की दिशा में काम करना चाहिए।

इस तरह लॉरियल के साथ हुई यह बैठक भारत के ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *