LPG उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली राहत, जून में बढ़ी कीमतें बरकरार; सिलेंडर बुकिंग से पहले जानें ताजा रेट
देश में एलपीजी की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर प्रत्येक महीने की शुरुआत में की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत जून में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। इस फैसले के बाद विभिन्न महानगरों और प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें पिछले संशोधन के अनुसार ही लागू हैं और आज इनमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है।
राजधानी दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें पहले की तुलना में अधिक स्तर पर बनी हुई हैं। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, चंडीगढ़, भुवनेश्वर और पटना जैसे शहरों में भी उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों का सामना करना पड़ रहा है। अलग-अलग राज्यों में करों और परिवहन लागत के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है, लेकिन कुल मिलाकर अधिकांश क्षेत्रों में गैस उपभोक्ताओं की मासिक रसोई लागत बढ़ी है।
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी लागत का दबाव बढ़ा है। होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाएं और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं। जून में कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसका सीधा प्रभाव व्यवसायिक संचालन लागत पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों ने बढ़ती ऊर्जा लागत को लेकर चिंता भी व्यक्त की है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधान, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा मांग में बदलाव जैसी परिस्थितियां एलपीजी मूल्य निर्धारण को प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ महीनों में गैस कीमतों में अस्थिरता देखने को मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार एलपीजी केवल घरेलू ईंधन नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्पाद है। इसकी कीमतों में बदलाव का असर परिवारों के मासिक बजट से लेकर छोटे व्यवसायों की लागत संरचना तक दिखाई देता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एलपीजी की बढ़ती खपत को देखते हुए उपभोक्ता मूल्य परिवर्तन पर लगातार नजर बनाए रखते हैं।
वर्तमान स्थिति में उपभोक्ताओं को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ रहा है, लेकिन जून में लागू संशोधित दरें अभी भी प्रभावी हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर बुक कराने से पहले अपने क्षेत्र की मौजूदा कीमतों की जानकारी प्राप्त करना उपयोगी माना जा रहा है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की दिशा और घरेलू मूल्य समीक्षा के आधार पर एलपीजी दरों में आगे बदलाव संभव हो सकता है।
फिलहाल 17 जून को एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि कीमतों में कोई नया संशोधन नहीं हुआ है, लेकिन हालिया बढ़ोतरी का असर अभी भी पूरी तरह बना हुआ है और इसका प्रभाव घरेलू बजट तथा व्यावसायिक खर्चों पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
