March 14, 2026

भारत की पहली खनन कंपनी बनी एनएमडीसी, एक वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन आयरन ओर उत्पादन

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नई दिल्ली। देश की प्रमुख खनन कंपनी NMDC लिमिटेड ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के समाप्त होने से पहले ही 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही NMDC एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बन गई है।

सरकारी बयान के अनुसार यह उपलब्धि न सिर्फ कंपनी की बढ़ती उत्पादन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत की लौह अयस्क आपूर्ति श्रृंखला में उसकी मजबूत और अहम भूमिका को भी साबित करती है।

1958 में हुई थी कंपनी की स्थापना
NMDC लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1958 में भारत के लौह अयस्क खनिजों के विकास के उद्देश्य से की गई थी। यह सरकारी कंपनी इस्पात मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और इसे ‘नववर्ष CPSE’ का दर्जा प्राप्त है।

शुरुआती दौर में कंपनी का उत्पादन सीमित था। उदाहरण के तौर पर 1978 में कंपनी ने लगभग 10 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। लेकिन समय के साथ कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता में लगातार विस्तार किया और अब यह आंकड़ा बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

पिछले दशक में तेज हुई उत्पादन वृद्धि
पिछले कुछ दशकों में एनएमडीसी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2015 में कंपनी का उत्पादन करीब 30 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 50 मिलियन टन हो गया है।

इसका मतलब है कि पिछले करीब एक दशक में उत्पादन में लगभग दो-तिहाई की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि वर्तमान उत्पादन क्षमता का लगभग एक-पांचवां हिस्सा पिछले चार दशकों में ही जोड़ा गया है। इसे कंपनी के इतिहास का सबसे तेज विस्तार माना जा रहा है।

एनएमडीसी 2.0 के तहत मजबूत प्रदर्शन
इस उपलब्धि पर कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजमेंट डायरेक्टर अमिताव मुखर्जी ने इसे एनएमडीसी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

उन्होंने कहा, “50 मिलियन टन उत्पादन तक पहुंचे एक बड़ी उपलब्धि है और यह एनएमडीसी 2.0 के तहत हमारे मजबूत प्रदर्शन को बरकरार है। जिस क्षमता को बनाने में पहले दशकों लगे, उसे हमने बेहतर क्रियान्वयन, जिम्मेदारी खनन और राष्ट्रीय स्तर के प्रति बढ़ने के जरिए कुछ ही वर्षों में तेजी कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सबसे बड़ी लौह ओर उत्पादक कंपनी होने के कारण एनएमडीसी पर बड़ी जिम्मेदारी भी है।

छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में प्रमुख खदानें
एनएमडीसी की प्रमुख खदानें खनिज संपन्न राज्य छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में स्थित हैं। इन खदानों में अत्याधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर मशीनीकृत खनन किया जाता है। कंपनी देश में लौह अयस्क की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती है, जिससे इस्पात उद्योग को निरंतर कच्चा माल उपलब्ध हो सके।

भारत के इस्पात उत्पादन लक्ष्य में अहम भूमिका
भारत ने वर्ष 2030 तक अपनी इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में लौह अयस्क की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना देश की एक महत्वपूर्ण जरूरत बन गई है। इस लक्ष्य को हासिल करने में NMDC Limited की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आगे भी उसका ध्यान संचालन संयंत्र, नई तकनीकों के इस्तेमाल और जिम्मेदारी खनन पर रहेगा ताकि विकास के अगले चरण को हासिल किया जा सके।

NMDC की यह उपलब्धि भारतीय खनन उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का आंकड़ा पार कर कंपनी ने न सिर्फ नया रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि देश के इस्पात उद्योग और आर्थिक विकास को भी व्यापक प्रदान की है।

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