June 5, 2026

अंडमान सागर में ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी सफलता, ऑयल इंडिया के तीसरे खोजी कुएं में मिली प्राकृतिक गैस

0
30-1780660461
नई दिल्ली । देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड को अंडमान के अपतटीय क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की खोज के रूप में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कंपनी ने घोषणा की है कि अंडमान सागर में ड्रिल किए गए अपने तीसरे खोजी कुएं में प्राकृतिक गैस और हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। इस उपलब्धि को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू संसाधनों की खोज के प्रयासों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

कंपनी के अनुसार, यह खोज विजयपुरम-3 नामक खोजी कुएं में हुई है, जिसे ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी के तहत अंडमान के अपतटीय ब्लॉक में विकसित किया गया है। यह कुआं अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित है। समुद्री क्षेत्र में लगभग 355 मीटर की जल गहराई पर स्थित इस स्थान पर उन्नत तकनीक की सहायता से ड्रिलिंग कार्य किया गया।

ऑयल इंडिया ने बताया कि ड्रिलिंग अभियान के दौरान इयोसीन भू-स्तर में 1,900 मीटर से अधिक गहराई तक पहुंचकर परीक्षण किए गए। प्रारंभिक उत्पादन परीक्षणों के दौरान प्राकृतिक गैस की मौजूदगी के स्पष्ट संकेत प्राप्त हुए। परफोरेशन प्रक्रिया के बाद लगातार गैस का प्रवाह और उसका जलना इस बात का प्रमाण माना गया कि क्षेत्र में व्यावसायिक महत्व की गैस मौजूद हो सकती है।

कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार परीक्षण के दौरान कुएं के भीतर दबाव में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद गैस का प्रवाह शुरू हुआ। यह संकेत ऊर्जा विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन प्रणाली की सक्रियता की पुष्टि होती है। फिलहाल प्राप्त गैस के नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है ताकि उसकी रासायनिक संरचना और ऊष्मीय क्षमता का सटीक आकलन किया जा सके।

इसके साथ ही विशेषज्ञ आइसोटोप अध्ययन भी कर रहे हैं। इस अध्ययन का उद्देश्य गैस और अन्य हाइड्रोकार्बन के स्रोत, उत्पत्ति तथा भूगर्भीय विकास को समझना है। इन परीक्षणों के परिणाम भविष्य में क्षेत्र की ऊर्जा संभावनाओं का अधिक सटीक मूल्यांकन करने में मदद करेंगे।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अंडमान अपतटीय ब्लॉक में यह हाइड्रोकार्बन की दूसरी पुष्टि है। इससे पहले सितंबर 2025 में विजयपुरम-2 नामक खोजी कुएं में भी प्राकृतिक गैस मिलने की पुष्टि हुई थी। अब तक इस ब्लॉक में कुल तीन खोजी कुएं ड्रिल किए जा चुके हैं, जिनमें से दो में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी के स्पष्ट संकेत मिले हैं। इससे पूरे क्षेत्र की ऊर्जा क्षमता को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि लगातार मिल रही सफलताएं अंडमान क्षेत्र को भविष्य के महत्वपूर्ण गैस उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती हैं। यदि आगे के परीक्षण और अन्वेषण भी सकारात्मक रहते हैं तो इससे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है।

ऑयल इंडिया ने इस खोज को भविष्य की अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया है। कंपनी का मानना है कि अंडमान क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की मौजूदगी के बढ़ते प्रमाण आने वाले वर्षों में नई ऊर्जा परियोजनाओं और निवेश के अवसरों को भी बढ़ावा देंगे। यह खोज भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *