June 17, 2026

भारत का सौर कृषि मॉडल बन सकता है अफ्रीका के लिए विकास का नया रोडमैप: प्रधानमंत्री मोदी

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नई दिल्ली ।
भारत में विकसित हो रहा सौर ऊर्जा आधारित कृषि मॉडल अब वैश्विक स्तर पर एक प्रभावी विकास विकल्प के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा आधारित कृषि प्रणाली अफ्रीका जैसे क्षेत्रों के लिए एक व्यावहारिक और बड़े पैमाने पर अपनाया जा सकने वाला समाधान बन सकती है।

प्रधानमंत्री ने यह बात साझा समृद्धि, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के संदर्भ में कही। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा अब कृषि क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी शक्ति बन चुकी है, जो न केवल उत्पादन बढ़ा रही है बल्कि किसानों की आय में भी सुधार कर रही है।

भारत में लागू की गई प्रमुख योजनाओं में PM-KUSUM Scheme को इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को सौर पंप और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणालियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे पारंपरिक बिजली और डीजल पर निर्भरता कम हो रही है।

इसके साथ ही International Solar Alliance जैसी अंतरराष्ट्रीय पहल भारत की सौर ऊर्जा क्षमता को वैश्विक सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। इस गठबंधन का उद्देश्य विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच को आसान बनाना और सौर ऊर्जा के उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का अनुभव यह दर्शाता है कि नवीकरणीय ऊर्जा केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और कृषि प्रणाली से फसल उत्पादन में सुधार के साथ-साथ किसानों की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में सौर कृषि मॉडल ने यह साबित किया है कि यदि तकनीक और नीति को सही तरीके से जोड़ा जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा संकट को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। इससे कृषि उत्पादन अधिक स्थिर और टिकाऊ बनता है, जो लंबे समय में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करता है।

लेख में यह भी उल्लेख किया गया कि जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संसाधनों की कमी जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का यह मॉडल अन्य देशों के लिए एक व्यावहारिक समाधान प्रदान कर सकता है। विशेष रूप से अफ्रीकी देशों में, जहां ऊर्जा पहुंच और कृषि उत्पादकता एक बड़ी चुनौती है, यह मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत की सौर क्रांति अब देश की सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

कुल मिलाकर, भारत का सौर ऊर्जा आधारित कृषि मॉडल एक ऐसे विकास ढांचे के रूप में उभर रहा है, जो आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय तीनों स्तरों पर संतुलित परिणाम देने की क्षमता रखता है। आने वाले वर्षों में इसके वैश्विक विस्तार की संभावनाएं और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।

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