October 6, 2026

UPI पर नया नियम: ग्राहक से नहीं लिया जाएगा चार्ज, बड़े व्यापारियों पर लगेगा शुल्क

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नई दिल्ली। UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए राहत की बात है कि प्रस्तावित नए MDR ढांचे में उन्हें सीधे कोई चार्ज नहीं देना होगा। 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस फ्रेमवर्क के मुताबिक, 2,000 रुपए से अधिक के कुछ चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर 0.40% MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन होगी। छोटे दुकानदारों को इससे बाहर रखा गया है।

नए नियम को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चार्ज किससे लिया जाएगा, छोटे दुकानदारों की पहचान कैसे होगी और क्या इसका बोझ ग्राहक पर डाला जा सकेगा? आइए 12 सवालों में समझते हैं पूरा मामला।

1. क्या UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहक को चार्ज देना होगा?

नहीं। दिए गए फ्रेमवर्क के मुताबिक MDR P2M यानी Person-to-Merchant लेनदेन पर लागू होगा। ग्राहक 2,000 रुपए से ज्यादा का UPI भुगतान करता है तो भी उससे सीधे कोई MDR नहीं लिया जाएगा। यह शुल्क पात्र मर्चेंट से जुड़ेगा।

2. कितना MDR देना होगा?

2,000 रुपए से ज्यादा का भुगतान प्राप्त करने वाले पात्र बड़े व्यापारी पर 0.40% MDR लगेगा। हालांकि इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन तय की गई है। यानी किसी एक लेनदेन पर 300 रुपए से अधिक MDR नहीं लिया जाएगा।

3. छोटे व्यापारियों को क्या छूट मिलेगी?

छोटे व्यापारियों को MDR से छूट दी गई है। यानी पात्र छोटे व्यापारी 2,000 रुपए से कम या अधिक का UPI भुगतान प्राप्त करें, उन पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।

4. छोटे व्यापारी की पहचान कैसे होगी?

फ्रेमवर्क में P2PM यानी छोटे मर्चेंट की श्रेणी रखी गई है। इसके तहत दुकानदार और छोटे कारोबारी आते हैं। दिए गए नियम के अनुसार, QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपए तक का भुगतान प्राप्त करने वाले ऐसे व्यापारियों को MDR से छूट मिलेगी।

5. 2,000 रुपए से कम के पेमेंट पर बड़े व्यापारी को भी MDR देना होगा?

नहीं। 2,000 रुपए से कम के UPI भुगतान पर MDR लागू नहीं होगा। यह छूट छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के लिए होगी।

6. कितने व्यापारियों पर पड़ेगा असर?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2,000 रुपए से अधिक का भुगतान प्राप्त करने वाले बड़े व्यापारियों की हिस्सेदारी कुल UPI पेमेंट में करीब 5% है। वहीं करीब 95% छोटे व्यापारी बताए गए हैं, जिन पर नया MDR लागू नहीं होगा।

7. सब्जी वाले, चाय की दुकान और छोटे दुकानदारों पर क्या असर होगा?

छोटे कारोबारियों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। P2PM श्रेणी में आने वाले ऐसे दुकानदार, जिनका QR कोड के जरिए मासिक डिजिटल कलेक्शन 1 लाख रुपए तक है, उन्हें 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर भी MDR नहीं देना होगा।

8. क्या दुकानदार यह चार्ज ग्राहक से वसूल सकते हैं?

नहीं। दिए गए नियमों के मुताबिक MDR का बोझ ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे UPI ऐप्स के जरिए इस MDR के नाम पर ग्राहक से अलग से प्लेटफॉर्म फीस वसूलने की बात भी इस फ्रेमवर्क में नहीं है।

9. सरकार MDR का नया मॉडल क्यों ला रही है?

दिए गए विवरण के अनुसार, UPI नेटवर्क के विस्तार, सर्वर क्षमता बढ़ाने और साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए बैंकों और फिनटेक कंपनियों को लगातार खर्च करना पड़ता है। नए MDR मॉडल के जरिए इस डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने का तर्क दिया गया है।

इसके अलावा MDR से मिलने वाली राशि का 5% हिस्सा विशेष फंड में जाने की बात कही गई है। इसका इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए किया जाना है।

10. छोटे व्यापारी के खाते में अचानक 1 लाख रुपए आ जाएं तो क्या होगा?

यह स्थिति मासिक कलेक्शन की सीमा पर निर्भर करेगी। दिए गए नियम के मुताबिक जिन व्यापारियों का मासिक भुगतान प्राप्त करने का आंकड़ा 1 लाख रुपए से कम है, उन्हें MDR से छूट मिलेगी। यदि किसी महीने उनका कलेक्शन निर्धारित सीमा से ऊपर चला जाता है, तो उस महीने उनकी MDR पात्रता प्रभावित हो सकती है।

वहीं, 2,000 रुपए से कम के व्यक्तिगत भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। यानी केवल छोटे-छोटे लेनदेन होने से व्यापारी पर यह शुल्क नहीं आएगा।

11. बीमा, रिचार्ज, रेलवे और पेट्रोल-डीजल पर कितना MDR होगा?

कुछ विशेष सेक्टर के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। दिए गए विवरण के मुताबिक 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर अधिकतम 5 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन MDR लिया जाएगा।

इसमें टेलीकॉम में 2,000 रुपए से अधिक का रिचार्ज, बीमा में 2,000 रुपए से अधिक का प्रीमियम, रेलवे टिकट और पेट्रोल-डीजल से जुड़े 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान शामिल हैं।

12. क्या UPI का MDR कार्ड या वॉलेट से ज्यादा होगा?

दिए गए फ्रेमवर्क के अनुसार UPI पर लागू MDR को क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या वॉलेट के मुकाबले कम रखने की बात कही गई है। यानी नए शुल्क का उद्देश्य UPI को महंगा भुगतान विकल्प बनाना नहीं, बल्कि बड़े मर्चेंट लेनदेन के लिए MDR व्यवस्था तैयार करना बताया गया है।

ग्राहक के लिए सबसे जरूरी बात

नए ढांचे को लेकर फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि ग्राहक से सीधे UPI MDR नहीं लिया जाना है। 2,000 रुपए से कम के भुगतान पर MDR नहीं है, जबकि छोटे व्यापारियों को भी निर्धारित शर्तों के तहत छूट दी गई है। मुख्य असर 2,000 रुपए से अधिक के पात्र बड़े मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर पड़ेगा, जहां 0.40% की दर और 300 रुपए की अधिकतम सीमा बताई गई है।

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