July 24, 2026

सोना-चांदी लगातार दूसरे दिन फिसले, मजबूत डॉलर के दबाव में कीमती धातुओं में 0.6% तक की गिरावट

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नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में बने दबाव के कारण दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और विदेशी मुद्रा बाजार में आए बदलाव का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अगस्त डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले बंद भाव की तुलना में कमजोर स्तर पर हुई। कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 0.61 प्रतिशत टूटकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सोने ने दिन का निचला और ऊपरी स्तर भी दर्ज किया, जिससे बाजार में अस्थिरता का संकेत मिला। लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी बनी रही। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के वायदा अनुबंध में शुरुआती कारोबार से ही दबाव देखा गया। कारोबार के दौरान चांदी की कीमत करीब 0.40 प्रतिशत तक फिसल गई। बाजार में खरीदारी सीमित रहने और वैश्विक संकेत कमजोर होने के कारण चांदी में भी गिरावट का रुख बना रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग और निवेशकों की रणनीति दोनों का प्रभाव चांदी की कीमतों पर लगातार पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। कॉमैक्स पर सोने और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर नई रणनीति अपनाई, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी बनी रही। विदेशी बाजारों की चाल का असर भारतीय वायदा बाजार पर तेजी से देखने को मिला और घरेलू कीमतें भी उसी दिशा में आगे बढ़ीं।

विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में मजबूती इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने पर सोने और चांदी जैसी धातुएं विदेशी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग प्रभावित होती है। हाल के दिनों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रमों के कारण डॉलर में मजबूती देखने को मिली है। इसी का असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ा है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है, जबकि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित निवेश की मांग फिर से बढ़ सकती है। फिलहाल निवेशकों को बाजार की बदलती परिस्थितियों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

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