March 10, 2026

सोना-चांदी में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और मजबूत डॉलर से कीमतें फिसलीं, निवेशकों को झटका

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नई दिल्‍ली । सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सप्ताह की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 9 मार्च 2026 को शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू राजनीतिक तनाव मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दिया। इसके चलते सोना और चांदी दोनों दबाव में आ गए और निवेशकों को दोहरी मार झेलनी पड़ी क्योंकि शेयर बाजार में भी उतार चढ़ाव बना हुआ है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार को 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का 10 ग्राम वायदा भाव 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1 60 293 रुपये पर खुला। वहीं चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई और यह करीब 1 प्रतिशत गिरकर 2 65 590 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की मांग पर दबाव बनाया है।

दरअसल अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। जब तेल महंगा होता है और डॉलर मजबूत होता है तब आमतौर पर सोना और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं पर दबाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इनकी कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.70 प्रतिशत गिरकर 5 071.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं कॉमेक्स पर चांदी में और ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 4.25 प्रतिशत गिरकर 80.89 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। हालांकि बाद के कारोबार में सोने के दाम में हल्की रिकवरी देखी गई और यह 5 098.30 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया लेकिन यह भी पिछले बंद भाव से करीब 1.17 प्रतिशत कम रहा। इसी तरह चांदी ने भी अपनी कुछ गिरावट से उबरने की कोशिश की और यह 82.74 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी जो फिर भी करीब 1.86 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी भू राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण कमोडिटी बाजार में फिलहाल उतार चढ़ाव बना रह सकता है। यदि डॉलर और तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो सोना और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। वहीं यदि वैश्विक तनाव कम होता है तो इनकी कीमतों में फिर से तेजी लौटने की संभावना भी बनी रहेगी। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।

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