July 28, 2026

सोना और चांदी कमजोर रुख के साथ खुले, निवेशकों की सतर्कता के बीच दोनों धातुओं के भाव लुढ़के

0
8-1785222872
नई दिल्ली । मंगलवार को घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोना तथा चांदी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख का असर भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत से ही दोनों धातुओं में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण कीमतों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव 1,43,063 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 1,42,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर हुई। शुरुआती कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में लगातार दबाव बना रहा और सुबह लगभग 10 बजे तक यह 1,129 रुपये यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,41,934 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

कारोबार के दौरान सोने ने 1,41,808 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर भी छुआ, जबकि दिन का उच्चतम स्तर 1,42,353 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि बाजार में खरीदारी की तुलना में बिकवाली का दबाव अधिक बना रहा और निवेशकों ने फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाई।

चांदी की कीमतों में भी इसी तरह की कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाले चांदी के वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले बंद भाव 2,21,173 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,20,555 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई। शुरुआती कारोबार में गिरावट और तेज हुई तथा सुबह तक चांदी का भाव 3,940 रुपये यानी करीब 1.78 प्रतिशत टूटकर 2,17,233 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

दिन के शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी ने 2,16,592 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर दर्ज किया, जबकि इसका उच्चतम स्तर 2,20,555 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों की सतर्कता का असर चांदी के बाजार पर भी समान रूप से दिखाई दिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं का रुख कमजोर रहा। वैश्विक कारोबार के दौरान सोने की कीमत लगभग 0.76 प्रतिशत गिरकर 4,045 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जबकि चांदी में 2.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव लगभग 57.53 डॉलर प्रति औंस रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार की यह कमजोरी भारतीय बाजार के लिए भी दबाव का प्रमुख कारण बनी।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक शुरू होने से पहले निवेशक किसी बड़े निवेश निर्णय से बच रहे हैं। बैठक के नतीजे और ब्याज दरों पर आने वाला फैसला वैश्विक वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी वजह से सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में फिलहाल सीमित गतिविधि देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा हालिया महंगाई और रोजगार से जुड़े आर्थिक आंकड़ों ने यह संभावना मजबूत की है कि फेडरल रिजर्व अपनी जुलाई बैठक में ब्याज दरों को यथावत रख सकता है। हालांकि तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी भविष्य में महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार की नजर पूरी तरह फेड के फैसले पर टिकी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *