चार दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 330 अंक टूटा और निफ्टी गिरा, जानिए बाजार में दबाव की बड़ी वजहें
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,529.08 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी50 में 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,329.00 के स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.08 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। इससे बाजार के बड़े शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सीमित कमजोरी दर्ज हुई।
सेक्टरवार कारोबार की बात करें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा में गिरावट रही। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी50 के शेयरों में कोल इंडिया सबसे अधिक बढ़ने वाले शेयरों में रहा। कंपनी के शेयर में 3.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। इसके अलावा इटरनल, इंडिगो, टाइटन और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज भी बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
दूसरी तरफ टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, नेस्ले इंडिया, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, ग्रासिम, ट्रेंट, आयशर मोटर्स और टीसीएस में दबाव रहा। इन शेयरों में गिरावट ने प्रमुख सूचकांकों पर भी असर डाला।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत दोबारा 99 से 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ विदेशी निवेश की निकासी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।
इन परिस्थितियों में महंगाई और आयात लागत को लेकर चिंता बनी हुई है। रुपये की स्थिति भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। मंगलवार को रुपया करीब 95.8 रुपये प्रति डॉलर के स्तर के आसपास रहा।
वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी रहा। इन अंतरराष्ट्रीय संकेतकों का असर घरेलू बाजार के निवेशकों की धारणा पर देखने को मिल रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के 23,300 से 23,350 के दायरे में रहने के कारण निवेशकों को अल्पकालिक तेजी का पीछा करने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है। निवेश को अलग-अलग हिस्सों में बांटने, मजबूत कंपनियों पर ध्यान देने और पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही बाजार में बड़ी गिरावट की स्थिति में अवसरों का इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त नकदी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। मंगलवार की गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर आगामी कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुख पर रहेगी।
