July 30, 2026

सोना-चांदी के दामों में हलचल, जानिए आज 10 ग्राम गोल्ड का नया रेट

0
8-1785395309

नई दिल्ली ।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के बाद गुरुवार को वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। ब्याज दरों को यथावत रखने के फैसले के बाद शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, लेकिन कुछ ही घंटों बाद बाजार में मुनाफावसूली और निवेशकों की बदली रणनीति के कारण कीमतों में फिर नरमी आ गई। इसका असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दिया, जहां सोने और चांदी के ताजा भाव में बदलाव दर्ज किया गया।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखने का निर्णय लिया। बाजार पहले से ही इस फैसले की संभावना जता रहा था, लेकिन निवेशकों की निगाहें महंगाई और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर फेड नेतृत्व की टिप्पणियों पर टिकी रहीं। महंगाई को निर्धारित लक्ष्य के करीब लाने की चुनौती बरकरार रहने के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भी ध्यान दिया।

फेड के फैसले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत में तेजी आई और यह लगभग 4,078 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान कीमतें 4,080 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी छूती दिखाई दीं। हालांकि यह तेजी लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी और बाद में बाजार में बिकवाली बढ़ने से सोने का भाव घटकर करीब 4,058 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी शुरुआती मजबूती के बाद इसी तरह का रुख देखने को मिला।

वैश्विक बाजार में आई इस हलचल का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी पड़ा। भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1,47,000 रुपये के स्तर तक पहुंच गई। वहीं चांदी के दाम में भी बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव करीब 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। कारोबारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर की चाल का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में भी घरेलू कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

वायदा बाजार में भी सोने के दाम मजबूत रहे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 10 ग्राम सोना लगभग 570 रुपये की बढ़त के साथ 1,42,192 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके विपरीत एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में कमजोरी रही और इसका भाव करीब 852 रुपये घटकर 2,16,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि हाजिर और वायदा बाजार में निवेशकों की रणनीति अलग-अलग बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक संकेतकों, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स की चाल और केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीति पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है। वहीं आर्थिक संकेतकों में सुधार और डॉलर की मजबूती की स्थिति में कीमतों पर दबाव भी देखने को मिल सकता है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और घरेलू बाजार के रुझानों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है, इसलिए निवेश संबंधी निर्णय बाजार की मौजूदा स्थिति और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखकर लेना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *