March 8, 2026

पहली तिमाही में पकड़ी गई 15,851 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी, 29% का हुआ इजाफा

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नई दिल्ली। जीएसटी अधिकारियों (GST officials) ने चालू वित्त वर्ष (Current financial year) की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में 15,851 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी (GST Evasion) पकड़ी है। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (Fake Input Tax Credit- ITC) दावों के जरिए इसका पता लगाया गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, जाली कंपनियों की संख्या में सालाना आधार पर कमी आई है।

अधिकारियों के अनुसार, जून तिमाही के दौरान केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिकारियों द्वारा पकड़ी गई फर्जी कंपनियों और आईटीसी धोखाधड़ी के आंकड़ों के अनुसार, 3,558 फर्जी फर्मों से जुड़े 15,851 करोड़ रुपये का आईटीसी धोखाधड़ी से लिया गया। इस अवधि के दौरान, जीएसटी अधिकारियों ने 53 लोगों को गिरफ्तार किया और 659 करोड़ रुपये बरामद किए गए। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में, जीएसटी अधिकारियों ने 3,840 फर्जी कंपनियों से जुड़े 12,304 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी का पता लगाया था। 549 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे और 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अधिकारियों ने 61,545 करोड़ रुपये की आईटीसी धोखाधड़ी में शामिल 25,009 फर्जी कंपनियों का पता लगाया था।

क्या है आईटीसी मामला
जीएसटी व्यवस्था के तहत, आईटीसी कंपनियों द्वारा आपूर्तिकर्ताओं से खरीदारी पर चुकाए गए करों से है। टैक्स लायबिलिटी का भुगतान करते समय इस कर का दावा क्रेडिट या कटौती के रूप में किया जा सकता है। फर्जी आईटीसी से निपटना जीएसटी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, क्योंकि बेईमान तत्व केवल आईटीसी का दावा करने और सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए फर्जी कंपनियां बना लेते हैं।

3500 से अधिक फर्जी कंपनियों का खुलासा
जीएसटी अधिकारियों ने पहली तिमाही के दौरान 3,558 फर्जी कंपनियों का भी पता लगाया। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के आंकड़े 3,840 से कम है। एक अधिकारी ने बताया कि औसतन हर महीने लगभग 1,200 फर्जी कंपनियां पकड़ में आ रही हैं। अप्रैल-जून की अवधि में फर्जी कंपनियों की संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम है, जो दर्शाता है कि फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ अभियान कारगर रहा है।

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