April 23, 2026

मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल में उछाल, होर्मुज स्ट्रेट संकट का बड़ा असर!

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नई दिल्ली। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को 1% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक है, जहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ता है।

ब्रेंट और WTI में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 1.13% बढ़कर 97.01 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड 1.39% की बढ़त के साथ 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया।

गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को तेल की कीमतों में करीब 20% की गिरावट आई थी और यह 100 डॉलर के नीचे आ गया था। अब दोबारा तेजी ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।

Multi Commodity Exchange पर भी दिखा असर

भारतीय बाजार में Multi Commodity Exchange (MCX) पर क्रूड ऑयल फ्यूचर्स (20 अप्रैल डिलीवरी) करीब 2.43% बढ़कर 9,150 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह तेजी घरेलू बाजार में भी वैश्विक संकेतों का असर दर्शाती है।

सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा हुई है, लेकिन जमीन पर हालात अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हैं। Israel द्वारा Lebanon में जारी हमले और Iran की गतिविधियों ने स्थिति को जटिल बना रखा है।

बताया जा रहा है कि Iran ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जिससे शिपिंग गतिविधियां सामान्य स्तर के 10% से भी कम रह गई हैं। शिपिंग कंपनियां भी स्थिति स्पष्ट होने तक इस मार्ग से जहाज भेजने में सतर्कता बरत रही हैं।

Donald Trump की चेतावनी

इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर सीजफायर का पालन नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसकी संभावना फिलहाल कम है।

उन्होंने दोहराया कि Iran को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी और Strait of Hormuz को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका तैयार है।

आगे क्या संकेत?

Asian Development Bank (ADB) के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए निकट भविष्य में तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। हालांकि, यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो बाजार में धीरे-धीरे स्थिरता लौट सकती है।

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