क्या है PLB? जिससे होगी 11 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की दिवाली रौशन

केंद्र सरकार के अधीन रेलवे विभाग में करीब 11 लाख कर्मचारियों की दिवाली रौशन होने वाली है। क्योंकि उनके खाते में हजारों रुपये क्रेडिट होने वाले हैं। यह रकम प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) के नाम पर दी जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब रेलवे अपने 10.91 लाख कर्मचारियों के खाते में 1865.68 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेगा।
प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) क्या होता है ?
रेलवे देश का सबसे बड़ा इम्प्लॉयर है और इसकी प्रोडक्टिविटी सीधे माल ढुलाई और पैंसेंजर ट्रैफिक से जुड़ी होती है। केंद्र सरकार रेल कर्मचारियों की कार्यक्षमता और प्रोडक्टिविटी के नाम पर यह बोनस देती है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। जितनी अधिक उत्पादकता, उतना बड़ा बोनस। रेलवे में यह परंपरा कई दशकों से चल रही है और हर साल दशहरा-दीवाली से पहले कर्मचारियों को PLB दिया जाता है।
क्या हुआ इस बार फैसला
: सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 78 दिन के वेतन के बराबर PLB को मंजूरी दी है।
: Non-Gazetted रेलवे कर्मचारी इसे पाएंगे, जो RPF/RPSF में नहीं आते।
: वेतन के कैलकुलेशन के लिए 7000 रुपये प्रति माह की सीमा तय है। यानी अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 7000 रुपये से अधिक भी है तो बोनस की गणना 7000 रुपये पर ही होगी।
कितना पैसा कर्मचारियों को मिलेगा?
रेल मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि योग्य कर्मचारियों को 17,951 रुपये बोनस दिया जाएगा। यह रकम सीधे उनके बैंक खाते (सैलरी वाले मोड) में जाएगी। जो कर्मचारी पूरे साल सेवा में रहे और सस्पेंड, रिटायर या मृत नहीं हैं, वे इसका फायदा लेंगे। अगर कोई कर्मचारी बीच में सेवा छोड़ चुका है या साल पूरा नहीं किया है, तो उसका बोनस प्रो रेटा आधार पर (जितने दिन काम किया, उसके हिसाब से) दिया जाएगा।
