AI रणनीति ने बदली IT कंपनी की तस्वीर, पहली तिमाही में 17% बढ़ा मुनाफा, 1.68 अरब डॉलर के नए ऑर्डर से मजबूत हुई भविष्य की कारोबारी संभावनाएं
पहली तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी। ऑपरेशन से प्राप्त राजस्व 17.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,608 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 9,840.6 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही की तुलना में भी राजस्व में सुधार दर्ज किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी लगातार नए व्यवसाय हासिल करने और मौजूदा ग्राहकों से कारोबार बढ़ाने में सफल रही है।
तिमाही के दौरान कंपनी को लगभग 1.68 अरब डॉलर के नए ऑर्डर प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.1 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं पिछले बारह महीनों में कुल ऑर्डर बुक का मूल्य बढ़कर 6.65 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह वृद्धि बताती है कि कंपनी की सेवाओं की मांग वैश्विक ग्राहकों के बीच लगातार बनी हुई है और भविष्य के लिए उसकी कारोबारी स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।
कंपनी का कहना है कि इस प्रदर्शन के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधानों पर केंद्रित रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न उद्योगों के ग्राहक अब AI तकनीक को तेजी से अपनाने की दिशा में निवेश कर रहे हैं, जिससे कंपनी को बड़े और दीर्घकालिक प्रोजेक्ट हासिल करने में मदद मिल रही है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ऑटोमेशन से जुड़े समाधान भी कंपनी की आय बढ़ाने में सहायक बने हैं।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक वेणु लाम्बू ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे इस बात का संकेत हैं कि AI-केंद्रित रणनीति व्यावसायिक रूप से सकारात्मक परिणाम दे रही है। उनके अनुसार ग्राहक अब AI आधारित समाधानों से वास्तविक कारोबारी लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिसके कारण कंपनी को अधिक मूल्य वाले प्रोजेक्ट और नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली तिमाहियों में भी यह रणनीति कंपनी की विकास यात्रा को गति देगी।
मानव संसाधन के मोर्चे पर कंपनी में 30 जून तक कुल 87,886 कर्मचारी कार्यरत थे। पिछली तिमाही की तुलना में कर्मचारियों की संख्या में 64 की मामूली कमी दर्ज की गई। वहीं पिछले बारह महीनों की कर्मचारी त्याग दर 13.3 प्रतिशत पर स्थिर रही, जिससे संकेत मिलता है कि कार्यबल की स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है।
हालांकि वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा है, लेकिन शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन अब भी दबाव में है। इस वर्ष अब तक शेयर में 33 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले एक वर्ष में भी निवेशकों को लगभग 24 प्रतिशत का नुकसान हुआ है, जबकि तीन वर्षों के दौरान शेयर करीब 19 प्रतिशत कमजोर हुआ है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि मजबूत तिमाही नतीजे, बढ़ती ऑर्डर बुक और AI आधारित रणनीति आने वाले समय में कंपनी के शेयर प्रदर्शन को कितनी मजबूती दे पाते हैं।
