June 30, 2026

सोलर पैनल की उम्र और बिजली उत्पादन बढ़ाना है तो अपनाएं सही सफाई तरीका, एक्सपर्ट्स ने दी महत्वपूर्ण सलाह

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नई दिल्ली । घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कृषि क्षेत्रों में सोलर पैनलों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बढ़ती बिजली लागत के बीच सौर ऊर्जा एक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर उभरी है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर बिजली उत्पादन और लंबे समय तक पैनलों की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए उनकी नियमित एवं सही तरीके से सफाई करना बेहद जरूरी है। सफाई के दौरान की गई छोटी सी लापरवाही भी पैनलों को नुकसान पहुंचा सकती है और उनकी कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार सोलर पैनलों की सतह पर समय के साथ धूल, मिट्टी, प्रदूषण के कण, सूखे पत्ते, परागकण और पक्षियों की बीट जमा हो जाती है। इससे सूर्य की किरणें सीधे पैनल तक नहीं पहुंच पातीं और बिजली उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इसलिए समय-समय पर पैनलों की सफाई करना आवश्यक माना जाता है।

सफाई के लिए सबसे उपयुक्त समय सुबह का शुरुआती समय या सूर्यास्त के बाद का होता है। दोपहर के समय तेज धूप में सोलर पैनल का तापमान काफी अधिक हो जाता है। ऐसे में गर्म पैनल पर अचानक ठंडा पानी डालने से थर्मल शॉक की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे पैनल का ग्लास चटकने या उसमें दरार आने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गर्म सतह पर पानी तेजी से सूखने के कारण दाग भी पड़ सकते हैं, जो प्रकाश के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सफाई शुरू करने से पहले पूरे सोलर सिस्टम को सुरक्षित तरीके से बंद कर देना चाहिए। सबसे पहले इनवर्टर और उसके बाद एसी तथा डीसी डिस्कनेक्ट स्विच बंद किए जाएं। इससे सफाई के दौरान बिजली के झटके या अन्य तकनीकी जोखिमों की संभावना काफी कम हो जाती है। सफाई पूरी होने के बाद सभी स्विच निर्धारित क्रम में दोबारा चालू किए जाने चाहिए।

सोलर पैनलों की ऊपरी सतह पर विशेष सुरक्षात्मक कोटिंग होती है, जो सूर्य की रोशनी को प्रभावी ढंग से अवशोषित करने में मदद करती है। इसलिए सफाई के दौरान कठोर ब्रश, स्टील स्क्रबर, झाड़ू या खुरदरे कपड़े का उपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसे उपकरणों से सतह पर खरोंच आ सकती है, जिससे पैनल की क्षमता और आयु दोनों प्रभावित हो सकती हैं। सफाई के लिए माइक्रोफाइबर कपड़ा, मुलायम स्पंज या सॉफ्ट कपड़े का उपयोग सबसे सुरक्षित माना जाता है।

सोलर पैनलों की सफाई करते समय हाई प्रेशर वाटर जेट या तेज दबाव वाले पाइप का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। अधिक दबाव से पानी डालने पर पैनल की सीलिंग कमजोर पड़ सकती है और नमी अंदर प्रवेश कर सकती है, जिससे तकनीकी खराबी का जोखिम बढ़ जाता है। इसी प्रकार तेज रासायनिक क्लीनर, एसिड, फिनायल या अन्य कठोर केमिकल का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पैनल की सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंच सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य साफ पानी अधिकांश परिस्थितियों में पर्याप्त होता है। यदि अधिक गंदगी जमी हो तो हल्के साबुन के घोल का सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। नियमित अंतराल पर सही तरीके से की गई सफाई न केवल सोलर पैनलों की कार्यक्षमता बनाए रखती है, बल्कि उनकी उम्र बढ़ाने और अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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