March 8, 2026

आज का पंचांग: विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजा का महायोग, जानें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल

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नई दिल्ली। आज 22 जनवरी 2026, गुरुवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि विनायक चतुर्थी और तिल चतुर्थी के रूप में मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार आज का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सही मुहूर्त में गणपति पूजन करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और नई शुरुआत में सफलता मिलती है।
आज की चतुर्थी तिथि रात्रि 2 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 चल रहा है। सूर्य उत्तरायण में हैं और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेगा, जिससे बौद्धिक कार्य, योजना निर्माण और रचनात्मक गतिविधियों के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है।नक्षत्र की बात करें तो आज शतभिषा नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग के रूप में सुबह 5 बजकर 48 मिनट तक वरीयान योग रहेगा, जो शुभ और सिद्धिदायक माना गया है। इसके बाद परिधि योग प्रभावी होगा। करण में वणिज करण दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, फिर बव करण लगेगा।

आज के शुभ मुहूर्त
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:51 बजे तक है। इसके अलावा शाम की गोधूलि बेला 5:41 से 6:07 बजे तक रहेगी, जिसे पूजा-पाठ और संकल्प के लिए विशेष शुभ माना गया है। गणेश पूजा के लिए यह समय अत्यंत फलदायी है।

अशुभ समय और सावधानी
आज राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा। सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक गुलिक काल और 6:00 से 7:30 बजे तक यमगंड का समय रहेगा। आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव भी बताया गया है इसलिए नए और जोखिम भरे कार्यों में सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त
आज सूर्योदय सुबह 7:13 बजे और सूर्यास्त शाम 5:51 बजे होगा।

धार्मिक महत्व और उपाय
विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी को मोदक, तिल और गुड़ अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को तिल, मिठाई या भोजन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन बाधा निवारण, मानसिक शांति और नई शुरुआत के लिए उत्तम है।आज का पंचांग पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों की योजना बनाने वालों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त में किया गया कर्म अधिक फलदायी माना गया है।

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