March 8, 2026

सोने की अंगूठी पहनने का सही तरीका: राशि, उंगली और शुभ दिन जानिए

0
1115-1768126765

नई दिल्ली ।भारतीय ज्योतिष में सोने को सिर्फ आभूषण नहीं बल्कि ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करने वाली धातु माना जाता है। मान्यता है कि जब सोने की अंगूठी सही उंगली, उचित दिन और विधि से पहनी जाती है, तो यह जीवन में धन, सम्मान और मानसिक स्थिरता बढ़ाने में सहायक होती है। वहीं, गलत नियमों के साथ सोना पहनना विपरीत प्रभाव भी ला सकता है।

कौन सी उंगली में सोना पहनना शुभ है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनामिका उंगली सूर्य तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। इस उंगली में सोने की अंगूठी पहनने से प्रतिष्ठा आत्मविश्वास और कार्यक्षमता बढ़ती है। कुछ परंपराओं में कनिष्ठा छोटी उंगली में भी सोना पहनने की सलाह दी गई है।वही मध्यमा उंगली शनि से जुड़ी होने के कारण इसमें सोना पहनना तनाव और आर्थिक रुकावट ला सकता है। अंगूठे में सोना पहनना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि यह चंद्रमा का संकेतक है।

सोना पहनने के शुभ दिन

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सोना पहनने के लिए गुरुवार सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह बृहस्पति का दिन है। रविवार भी सूर्य से जुड़ा होने के कारण मान-सम्मान बढ़ाने वाला है। इसके अलावा, बुधवार और शुक्रवार सामान्यतः अनुकूल माने जाते हैं।

सोने की अंगूठी पहनने की पारंपरिक विधि
सोना पहनने से पहले उसका शुद्धिकरण आवश्यक माना गया है। अंगूठी को पहले गंगाजल या स्वच्छ जल में रखें फिर दूध और शहद से शुद्ध करें। इसके बाद अंगूठी को भगवान विष्णु या सूर्यदेव के सामने रखकर प्रार्थना करें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 11 बार जाप करें। शुद्धिकरण के बाद इसे अनामिका उंगली में पहनें।
राशियों के अनुसार अनुकूलता
ज्योतिष के अनुसार, मेष, सिंह, कर्क, धनु और मीन राशि वाले सोना पहनने से शुभ फल प्राप्त करते हैं। जबकि वृषभ, मिथुन, मकर और कुंभ राशि वालों को बिना व्यक्तिगत कुंडली देखे सोना नहीं पहनना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम निर्णय हमेशा व्यक्तिगत कुंडली देखकर ही लेना चाहिए।

सोना और ग्रहों का संबंध

सोना मुख्य रूप से बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, जो ज्ञान, धर्म, संतान और धन का कारक माना जाता है। कुछ मान्यताओं में यह सूर्य को भी बल देता है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है।

धार्मिक दृष्टि से महत्व

धार्मिक परंपराओं में सोना महालक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यह माना जाता है कि सोना धारण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और शांति बनी रहती है। हालांकि किसी भी धातु या रत्न को धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना अत्यंत लाभकारी होता है।
0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *