April 23, 2026

15 अप्रैल 2026 बुध प्रदोष व्रत, पर शिव आराधना से मिल सकता है धन लाभ और उन्नति का वरदान

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नई दिल्ली । 15 अप्रैल 2026 को बुध प्रदोष व्रत का अत्यंत विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन बुधवार को पड़ने के कारण बुध प्रदोष कहलाएगा। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस दिन रात के समय प्रभावी रहेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस अवसर पर ब्रह्म योग और इंद्र योग का दुर्लभ मेल बन रहा है। यह संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है और शिव आराधना के लिए उत्तम फलदायी माना जाता है।

इस दिन बनने वाला ब्रह्म योग दोपहर तक रहेगा और इसे आध्यात्मिक साधना तथा मन की शांति के लिए विशेष फल देने वाला माना गया है। इसके बाद इंद्र योग का निर्माण होगा जिसे कार्य सिद्धि और सफलता का कारक कहा जाता है। ऐसे में इस दिन किया गया शिव पूजन जीवन में स्थिरता और प्रगति का मार्ग खोल सकता है। विशेषकर व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह दिन लाभ और उन्नति का संकेत माना जा रहा है।

बुध प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की उपासना प्रदोष काल में करने का विधान है। सूर्यास्त के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल को साफ कर घी का दीपक जलाना चाहिए। भक्त को भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग का अभिषेक शुद्ध जल कच्चा दूध और गंगाजल से करना चाहिए। यह प्रक्रिया मन को शुद्ध करती है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

पूजन के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धतूरा और सफेद पुष्प भी अर्पित किए जाते हैं। इस समय निरंतर मन में ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और घर में सुख समृद्धि का वातावरण बनता है।

शिव पूजा के साथ माता पार्वती की आराधना करने से पारिवारिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। घर में शांति बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। पूजा के अंत में आरती करनी चाहिए और किसी भी त्रुटि के लिए भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए। शांत और श्रद्धा भाव से की गई यह पूजा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली मानी जाती है।

इस विशेष बुध प्रदोष व्रत पर ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग इसे और भी अधिक फलदायी बना रहा है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में समृद्धि के नए द्वार खोल सकती है और रुके हुए कार्यों में सफलता दिला सकती है।

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