March 10, 2026

Mahakumbh 2025: मोदी-योगी महाकुंभ के यजमान, दक्षिणा में दें सनातन बोर्ड

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we want sanatan board
  • 27 को महाकुंभ के सेक्टर 17 में धर्म संसद

  • देश-विदेश के संत-महंत होंगे शामिल

 

महाकुंभ के आयोजन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यजमान हैं। उन्हें दक्षिणा के रूप में संतों को सनातन बोर्ड देना चाहिए। यह बातें बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में संतों ने कही।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि वह महाकुंभ में दक्षिणा के रूप में पीएम मोदी और सीएम योगी से सनातन बोर्ड लेंगे। महाकुंभ सनातन धर्म की आस्था का केंद्र है, इससे सभी को आस्था जुड़ी है। इस महाकुंभ में एक और सनातन का महाकुंभ होगा, जिस दिन समातन बोर्ड का गठन किया जाएगा। आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि ने कहा कि सनातन का अस्तित्व सृष्टि के प्रारंभ से है। बाकी सब इसके बाद की उपज हैं। जिस तरह से हमारे मंदिर, मठ और धार्मिक स्थलों पर कब्जा है, उन सबको मुक्त कराने का काम सनातन बोर्ड
करेगा। कथाव्यास स्वामी देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हमारी बहन-बेटियों को स्कूलों में नचाया जा रहा है। हमारी संत्कृति अभी भी आजाद नहीं है।

महाकुंभ के मंथन से ऐसा बोर्ड निकले जिसमें सबके हितों की रक्षा हो…

महाकुंभ में आए राष्ट्रीय संत मोरारी बापू वक्फ बोर्ड भंग करने और सनातन बोर्ड गठित करने जैसे दोनों मुद्दों से इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि धन्य हैं भारत की तीन पवित्र नदियों की धार, जो तीर्थराज प्रयाग में संगम पर मिलकर पूरी दुनिया को आपस में मिलकर रहना सिखाती हैं। एकता और मिलन की असीम ऊर्जा से भरे ऐसे संगम तट पर साधु संतों के चिंतन से ऐसा कोड बनने का मसौदा सामने आना चाहिए, जिसमें सबका हित सुरक्षित हो। दरअसल सनातन बोर्ड गठन सहित वक्फ बोर्ड भंग करने के संबंध में बापू से पूछे जाने पर कुछ समय के लिए वह मौन धारण करने के बाद कहते हैं कि, सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय का चिंतन होना चाहिए। पक्षियों, वृक्षों, पंचतत्वों या पृथ्वी जल, वायु, अग्नि और आकाश की सेवा हो और उनके भी सुख की चिंता की जाए। मोरारी बापू करते हैं कि इस भूमि की ताकत मिलाने की ही है। परस्पर एकता और मिलन की संस्कृति को ही अपनाने के लिए पूरा विश्व यहां खिंचा चला आता है। यही सनातन की ताकत है, जो पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांधती है। वह कहते हैं कि सर्व भूत हिताय का निर्णय होना चाहिए। महाकुंभ में साधु-संतों के शिविरों में चिंतन चल रहा है। मुझे पता चला है कि सनातन बोर्ड के गठन को लेकर धर्म संसद बुलाई गई है। मेरा मानना हैं कि सर्व भूत हिताय, सर्वभूत सुखाय और सर्व भूत प्रीताय का चिंतन ही सुखद और कल्याणकारी होगा।

आप सभी को भी पवित्र होने के लिए जाना चाहिए

वहीं दूसरी ओर प्रयागराज़ में चल रहें महाकुंभ के बीच केंद्रीय हर मंत्री अमित शाह ने कहा कि, मैं अपने जीवन में नौ बार कुंभ गया हूं। अर्धकुंभ देखे हैं, साथ ही प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में भी 27 को जाने वाला हूं। आप सभी को भी पवित्र होने के लिए जाना चाहिए। कई देश के लोगों ने मुझसे कहा कि हमें आमंप्रण पत्र चाहिए, मैंने कहा महाकुंभ मेले में कोई निमंत्रण की जरूरत नहीं है। मुगल और ब्रिटिश काल में भी कुंभ के आयोजन होते थे। कोई इसे रोक नहीं सका और आज भी इसका आयोजन बेहद सुंदर तरीके से हुआ है।

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