August 7, 2026

मां लक्ष्मी को कैसे करें प्रसन्न: जानिए संपूर्ण पूजा विधि शुभ मुहूर्त और वे आसान नियम जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत

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नई दिल्ली। माता लक्ष्मी को धन समृद्धि ऐश्वर्य और सुख शांति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और पूर्ण विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करता है उसके जीवन से आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं और घर में सुख समृद्धि का वास होता है। केवल धन की प्राप्ति ही नहीं बल्कि मानसिक शांति पारिवारिक खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी मां लक्ष्मी की आराधना अत्यंत फलदायी मानी गई है। हालांकि पूजा का पूरा फल तभी प्राप्त होता है जब उसे नियमों का पालन करते हुए श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए।

पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करना अत्यंत आवश्यक माना गया है क्योंकि मां लक्ष्मी स्वच्छता और पवित्रता को सबसे अधिक पसंद करती हैं। स्नान करने के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान पर लाल या पीले रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाकर उस पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद कलश स्थापित करें और उसमें स्वच्छ जल आम के पत्ते तथा नारियल रखें। कलश स्थापना को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

पूजा के दौरान सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें क्योंकि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत विघ्नहर्ता गणपति की पूजा से ही होती है। इसके बाद माता लक्ष्मी को कुमकुम हल्दी अक्षत पुष्प कमल का फूल यदि उपलब्ध हो तो अर्पित करें। मां को लाल वस्त्र श्रृंगार सामग्री और सुगंधित पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। भोग में खीर बताशे मिश्री फल नारियल और मिठाई चढ़ाई जा सकती है। घी का दीपक जलाकर धूप अर्पित करें और पूरे मन से श्री लक्ष्मी मंत्र तथा श्रीसूक्त या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।

पूजा के समय मन में किसी प्रकार का क्रोध अहंकार या नकारात्मक विचार नहीं होना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी केवल उसी घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं जहां प्रेम सद्भाव ईमानदारी और परिश्रम का सम्मान होता है। इसलिए पूजा के साथ अच्छे कर्म और सत्यनिष्ठ जीवन भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है। परिवार के सभी सदस्य यदि एक साथ आरती करें तो घर का वातावरण और अधिक सकारात्मक बनता है।

पूजन के बाद माता लक्ष्मी की आरती करें और सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें। यदि संभव हो तो जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र या धन का दान भी करें। धर्मग्रंथों के अनुसार दान और सेवा से माता लक्ष्मी विशेष रूप से प्रसन्न होती हैं। साथ ही घर में तुलसी का पौधा लगाना प्रतिदिन दीपक जलाना और शाम के समय मुख्य द्वार पर दीप प्रज्ज्वलित करना भी शुभ माना जाता है।

ध्यान रहे कि केवल पूजा करने से ही जीवन में सफलता नहीं मिलती बल्कि ईमानदारी मेहनत संयम और सकारात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक है। मां लक्ष्मी की कृपा उसी व्यक्ति पर बनी रहती है जो धर्म के मार्ग पर चलकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है। इसलिए पूजा के साथ सदाचार और परिश्रम को भी जीवन का हिस्सा बनाएं। ऐसा करने से धन समृद्धि के साथ सुख शांति और सम्मान भी प्राप्त होता है तथा परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।

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