March 8, 2026

15 जनवरी 2026 पंचांग: माघ कृष्ण द्वादशी – जानें शुभ-अशुभ काल और दिन की शुरुआत कैसे करें लाभकारी

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नई दिल्ली। गुरुवार, 15 जनवरी 2026 का दिन माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि में पड़ रहा है। आज ज्येष्ठा नक्षत्र और वृद्धि योग का संयोग बन रहा है, जिससे धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है। चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचरण कर रहे हैं जो जीवन में स्थिरता निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक शांति लाने में सहायक है।

दिन की शुरुआत अगर सही मुहूर्त में की जाए तो उसका प्रभाव पूरे दिन महसूस किया जा सकता है। सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 05:11 AM से 05:59 AM तक रहेगा। यह समय ध्यान, प्राणायाम, योग और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। दिन का मध्यकाल अभिजीत मुहूर्त 11:51 AM से 12:34 PM तक रहेगा। व्यापारी, छात्र और गृहस्थ लोग इस समय किसी भी नए काम की शुरुआत करने से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, शाम का अमृत काल 07:58 PM से 09:45 PM तक रहेगा, जो दान, पूजा, शांति और स्वास्थ्य संबंधित कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है।

हालांकि, इस दिन कुछ अशुभ काल भी हैं, जिनसे बचना चाहिए। यम गंड 6:47 AM से 8:08 AM, कुलिक काल 9:30 AM से 10:51 AM, राहु काल 1:34 PM से 2:55 PM तक रहेगा। इसके अलावा दिन में दो दुर्मुहूर्त 10:24 AM – 11:07 AM और 02:44 PM – 03:27 PM तक रहेंगे, जबकि वर्ज्यम् काल 09:17 AM से 11:04 AM तक रहेगा। इन कालों में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य, यात्रा या निवेश से बचने की सलाह दी जाती है।सूर्य और चंद्रमा के समय की जानकारी भी दिन की योजना बनाने में मददगार साबित होती है। आज सूर्य का उदय 6:47 AM और अस्त 5:38 PM पर होगा। चंद्रमा का उदय 3:47 AM और चंद्रास्त 2:36 PM पर रहेगा। यह जानकारी धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, यात्रा और दैनिक कार्यों के समय निर्धारण में सहायक है।

ज्येष्ठा नक्षत्र और वृद्धि योग का संयोग धन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास में विशेष लाभ देता है। इस समय किए गए धार्मिक अनुष्ठान और पूजा कार्य विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं। साथ ही घर में नए कार्यों की शुरुआत, दान या निवेश करने के लिए भी यह समय अनुकूल है।आज का दिन पंचांग के अनुसार धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य लाभकारी रहेंगे, वहीं अशुभ काल में किए गए कार्यों में बाधा या हानि संभव है। इसलिए, पंचांग के अनुसार दिन की योजना बनाना और सही समय का चुनाव करना अत्यंत जरूरी है।

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