बुद्ध पूर्णिमा से शुरू हुआ पावन महीना: मई 2026 के सभी व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
मई का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। महीने की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद 3 मई को नारद जयंती मनाई जाएगी। इस दिन देवर्षि नारद के प्राकट्य का उत्सव मनाया जाता है, जिन्हें ब्रह्मा जी का मानस पुत्र माना जाता है।
इसके बाद 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
14 मई को गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अगले ही दिन 16 मई को शनि जयंती और वट सावित्री व्रत एक साथ पड़ रहे हैं। शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है, वहीं वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।
महीने के उत्तरार्ध में 25 मई को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।
इसके बाद 26 मई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जिसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पुरुषोत्तम (अधिक) मास में पड़ता है और इसका धार्मिक महत्व काफी अधिक माना जाता है।
मई महीने के अंत में 28 मई को एक बार फिर गुरु प्रदोष व्रत आएगा, जो भगवान शिव की आराधना के लिए शुभ अवसर माना जाता है।
कुल मिलाकर, मई 2026 आस्था, पूजा-पाठ और व्रत-त्योहारों से भरा हुआ महीना है। ऐसे में श्रद्धालु पूरे महीने धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे और इन पर्वों के माध्यम से आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करेंगे।
