April 23, 2026

शिव भक्तों के लिए खास दिन: 15 अप्रैल को रखें मासिक शिवरात्रि व्रत

0
6-a-29-1775476277
नई दिल्ली । वैशाख माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व होता है यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से व्रत और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि आती है ।

सनातन परंपरा के अनुसार मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है वर्ष 2026 में वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि 15 अप्रैल को रखी जाएगी पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा और इसका समापन 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर होगा इसलिए व्रत और पूजा 15 अप्रैल को ही की जाएगी।

इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण पूजा समय निशिता काल माना जाता है जो रात्रि 12 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा इसी समय भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक और अमृत काल सुबह 7 बजकर 37 मिनट से रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

मासिक शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व भी बहुत गहरा है यह व्रत आत्मशुद्धि मानसिक शांति और जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए रखा जाता है विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए इसे अत्यंत प्रभावी माना गया है।

पूजा विधि के अनुसार श्रद्धालुओं को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए इसके बाद शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक किया जाता है भगवान शिव को बेलपत्र धतूरा भांग शमी पत्र सफेद चंदन और फूल अर्पित किए जाते हैं वहीं माता पार्वती को सुहाग सामग्री और लाल वस्त्र चढ़ाए जाते हैं।

इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप और शिव गायत्री मंत्र का उच्चारण अत्यंत शुभ माना जाता है साथ ही शिवरात्रि व्रत कथा का श्रवण या पाठ भी किया जाता है रात्रि के निशिता काल में विशेष पूजा करने के बाद अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।  इस प्रकार वैशाख मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है जो भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *