November 5, 2026

मांगें पूरी होने तक काम पर नहीं लौटेंगे सफाईकर्मी, भोपाल समेत एमपी के कई शहरों में कचरा कलेक्शन बंद, त्योहार से पहले बढ़ी परेशानी

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भोपाल । मध्य प्रदेश में दिवाली से ठीक पहले सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के एक लाख से ज्यादा सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसका असर भोपाल समेत कई शहरों में दिखाई देने लगा है। सड़कों की सफाई से लेकर घरों से कचरा उठाने तक का काम प्रभावित हो गया है। गुरुवार को भी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियां घरों तक नहीं पहुंचेंगी। ऐसे में त्योहार के दौरान शहरों में गंदगी बढ़ने की आशंका है। सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच विदिशा जिले के सिरोंज से एक अलग तस्वीर सामने आई है। यहां लोगों की परेशानी देखते हुए भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा खुद झाड़ू लेकर सड़क पर उतर गए और करीब दो घंटे तक सफाई की।

भोपाल में हड़ताल का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां 10 हजार से अधिक सफाईकर्मी काम बंद कर चुके हैं। कचरा कलेक्शन में लगी 400 से ज्यादा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। बुधवार को न्यू मार्केट सहित कई इलाकों में कचरा नहीं उठाया गया। बाजारों में गंदगी जमा होने लगी तो व्यापारियों ने स्वयंसेवकों की मदद से सफाई कराई। गुरुवार को भी व्यापारी इसी तरह सफाई व्यवस्था संभालने की तैयारी में हैं। व्यापारियों ने सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।

भोपाल में रोजाना करीब 850 टन कचरा निकलता है। घरों से कचरा उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई हैं। प्रत्येक गाड़ी दिन में दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा किया जाता है। इसके बाद कैप्सूल टैंकरों के जरिए इसे आदमपुर छावनी स्थित निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जाता है। हड़ताल के कारण यह पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। यदि कर्मचारियों की वापसी जल्द नहीं हुई तो घरों और बाजारों में कचरे का ढेर बढ़ सकता है।

इस बीच सिरोंज में लोगों की परेशानी को देखते हुए भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने खुद सफाई की जिम्मेदारी संभाली। हड़ताल के चलते सड़कों पर कचरा फैल गया था। बुधवार रात विधायक सड़क पर पहुंचे और झाड़ू लगाकर करीब दो घंटे तक सफाई करते रहे। उनकी इस पहल की चर्चा हो रही है। एक तरफ प्रदेशभर में सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों को स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था संभालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन 7262 के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक संगठन के पदाधिकारियों ने मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है। यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगरीय निकायों और 374 नगर परिषदों के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि चारों मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि खबर में उन चार मांगों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

हड़ताल खत्म कराने के लिए यूनियन पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे से मुलाकात भी की। लेकिन बातचीत में कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। इससे पहले मंगलवार को सफाईकर्मियों ने भोपाल में प्रदर्शन किया था। वे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे लेकिन उनके मुताबिक कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। नाराज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना बनाई। पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कर्मचारी करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे।

समझाइश के बाद कर्मचारियों ने जाम समाप्त कर दिया लेकिन शाहजहांनी पार्क में उनका धरना जारी रहा। अब दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यदि हड़ताल लंबी चली तो बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरे की समस्या गंभीर हो सकती है। ऐसे में कर्मचारियों और सरकार के बीच जल्द बातचीत से समाधान निकलना जरूरी है ताकि त्योहार के दौरान लोगों को गंदगी और बदबू से परेशानी न उठानी पड़े।

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