दिल्ली में रविवार से बीएस-छह वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। ऐसे में परिवहन निगम की वोल्वो समेत करीब दो सौ बसों का संचालन प्रभावित होगा। अब परिवहन निगम ने वोल्वो और एसी बसों के फेरों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है।
परिवहन निगम की प्रतिदिन विभिन्न रूट पर औसतन 934 बसें संचालित होती हैं। इनमें करीब चार सौ बसें दिल्ली जाती हैं। रोडवेज प्रबंधन के अनुसार इनमें 12 वोल्वो समेत 200 बसें बीएस-छह नहीं हैं, इसके कारण वह दिल्ली नहीं जा सकेंगी। इसमें सबसे अधिक असर दिल्ली-देहरादून रूट पर वोल्वो की लग्जरी सेवा पर पड़ने की संभावना है, इस रूट पर 25 बसें संचालित होती हैं, जिनमें 12 बसें कम हो रही हैं।
अब परिवहन निगम शेष बसों के फेरों को बढ़ाकर इस कमी को पूरा करने की योजना बनाई है। रोडवेज महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह ने बताया कि करीब दो सौ बसें हैं, जो नई दिल्ली नहीं जा सकेंगी। परिवहन निगम के पास सीएनजी दो बसें हैं, इसके अलावा पर्वतीय रूटों पर नई बसें हैं, जिनके होने से यात्रियों की सेवाओं पर असर नहीं पड़ेगा।
रही बात वोल्वो की तो उनके फेरों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। अभी छह वोल्वो के फेरों को बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सभी 13 बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे, ऐसे में 26 सेवाएं जो जाएंगी। पूरा प्रयास रहेगा कि यात्रियों को कोई दिक्कत न हो।
वोल्वो: नए रूटों पर चलाने की तैयारी
जो वोल्वो दिल्ली नहीं जा सकेंगी, उन बसों को आगरा, लखनऊ, चंडीगढ़ समेत अन्य रूटों पर संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें नेपाल का रूट भी शामिल है। इससे संबंधित जगहों पर यात्रियों को वोल्वो बस का विकल्प मिल सकेगा।