फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से सदमे में मिलाप जावेरी, दोस्त को अंतिम विदाई देते समय छलके आंसू.
संजय गुप्ता के निधन की खबर ने मिलाप जावेरी को गहरा सदमा पहुंचाया है। दोनों के बीच करीबी दोस्ती थी। संजय के घर पहुंचने पर मिलाप के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दिया। अपने दोस्त को अंतिम विदाई देने पहुंचे निर्देशक इस दौरान काफी भावुक नजर आए। उनका यह भावुक पल दोनों के बीच के गहरे रिश्ते को दर्शाता है।
जानकारी के मुताबिक, 57 वर्षीय संजय गुप्ता का निधन 31 अक्टूबर को हुआ। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि मुंबई स्थित उनके घर में गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। इस घटना के बाद उनके निधन की खबर सामने आई, जिससे फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को गहरा झटका लगा।
‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से मिली पहचान
संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में अपनी एक्शन और क्राइम आधारित फिल्मों के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने निर्देशन के जरिए बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई थी। उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया, दमदार एक्शन और घटनाओं पर आधारित कहानियों को प्रमुखता से दिखाया जाता था।
निर्देशक के रूप में उन्होंने ‘आतिश’, ‘कांटे’, ‘जिंदा’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग शैली विकसित की। उनकी फिल्मों में एक्शन और क्राइम की कहानियों को पेश करने का अंदाज दर्शकों के बीच चर्चा में रहा।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
संजय गुप्ता के निधन के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और फिल्मी दुनिया के अन्य लोगों की ओर से भी उन्हें याद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके निधन पर दुख जताते हुए श्रद्धांजलि दी है।
मिलाप जावेरी का भावुक होकर उनके घर पहुंचना भी इस दुखद घटना के बीच चर्चा में है। संजय गुप्ता और मिलाप जावेरी के बीच दोस्ती का रिश्ता था। ऐसे में उनके निधन की खबर मिलाप के लिए व्यक्तिगत क्षति बन गई। हिंदी सिनेमा में संजय गुप्ता ने एक्शन और क्राइम फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाई थी। उनके निर्देशन में बनी कई फिल्में उनके फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उनके अचानक निधन से फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया है, जिन्होंने अपनी अलग शैली से दर्शकों के बीच जगह बनाई थी।
