October 30, 2026

अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया बर्खास्त, ईरान और यूक्रेन युद्ध की गोपनीय जानकारी पत्रकारों को देने की बात कबूली

0
14-1793358402
नई दिल्ली ।अमेरिका में सैन्य गोपनीयता से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पत्रकारों के साथ गोपनीय सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में पद से हटा दिया गया है। जांच के दौरान उन्होंने पत्रकारों को संवेदनशील सूचनाएं देने की बात स्वीकार की है। यह मामला रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान युद्ध से संबंधित जानकारियों के लीक होने से जुड़ा है। सिल्विया को 28 अक्टूबर को उनके पद से हटाया गया था।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जून 2025 से करीब एक साल तक सिल्विया दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के संपर्क में रहे। इस दौरान उन्होंने उन्हें सैन्य मामलों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां दीं। हालांकि, संबंधित मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सिल्विया ने दिसंबर 2025 में अपना पद संभाला था। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गोपनीय सूचनाएं लीक करने के मामले में उन्हें हटाने का फैसला लिया।

जांच में सामने आया कि सिल्विया ने अमेरिका की ओर से यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता से संबंधित जानकारी एक पत्रकार को बताई थी। यह सूचना एक गोपनीय सैन्य रिपोर्ट में दर्ज थी। उन्होंने रिपोर्ट पढ़ते समय तैयार किए गए अपने नोट्स के आधार पर पत्रकार को जानकारी दी। इसके लिए उन्होंने दस्तावेज सौंपने के बजाय आमने-सामने मुलाकात का तरीका अपनाया। हालांकि, यूक्रेन को दिए गए हथियारों के नाम, उनकी संख्या और आपूर्ति से संबंधित विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मामले की जांच के दौरान ईरान से जुड़ी एक बातचीत भी सामने आई। जांच अधिकारियों को सिल्विया और एक पत्रकार के बीच सिग्नल ऐप पर हुई बातचीत के बारे में जानकारी मिली। जून या जुलाई 2026 में पत्रकार की ओर से उन्हें एक संदेश भेजा गया था। सिल्विया ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें लगा था कि यह संदेश ईरान से संबंधित है। उन्होंने कहा कि उन्हें बातचीत का पूरा विवरण याद नहीं है और संदेश हटाते समय गलती से पूरी चैट भी डिलीट हो गई थी। हालांकि, अधिकारियों को संदेह है कि बातचीत जानबूझकर मिटाई गई थी। उस संदेश में वास्तव में क्या जानकारी थी, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

जांच में यह भी पता चला कि यूक्रेन युद्ध पर किताब लिख रहे एक पत्रकार से सिल्विया दो बार मिले थे। पत्रकारों से संपर्क बनाए रखने के लिए वह सिग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे। एक पत्रकार की पेंटागन में प्रवेश की अनुमति बंद होने के बाद उन्होंने उससे वर्जीनिया के सिल्वर डाइनर रेस्तरां में मुलाकात की थी।

एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, सिल्विया चार बार पॉलीग्राफ टेस्ट में असफल हुए थे। इसके बाद उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान पत्रकारों को गोपनीय जानकारी देने की बात स्वीकार की। जांच के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल फोन भी अधिकारियों को सौंपा, ताकि पत्रकारों के साथ हुई बातचीत की पड़ताल की जा सके। हालांकि, पॉलीग्राफ टेस्ट को किसी व्यक्ति के झूठ बोलने का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाता। इस परीक्षण में सांस, दिल की धड़कन और रक्तचाप जैसे शारीरिक बदलावों को मापा जाता है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी हथियारों के भंडार और सैन्य तैयारियों को लेकर भी सवाल उठे हैं। सामने आए आकलन के अनुसार, युद्ध में इस्तेमाल किए गए हथियारों के भंडार को दोबारा भरने में करीब 29 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं। वहीं, युद्ध पर अमेरिका का कुल खर्च 47 अरब डॉलर से अधिक बताया गया है। इसमें सैन्य अभियान, हथियारों की भरपाई और उपकरणों के नुकसान की लागत शामिल है।

गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पेंटागन ने जुलाई 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग के साथ मिलकर विशेष जांच दल बनाया था। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऐसे मामलों की पहचान और कानूनी कार्रवाई के लिए अतिरिक्त संसाधन तथा कर्मचारियों की तैनाती की घोषणा की थी। इससे पहले रक्षा मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए प्रवेश और रिपोर्टिंग संबंधी नियम भी सख्त किए गए थे। इसके विरोध में कई पत्रकारों और मीडिया संस्थानों ने अपने प्रेस पास वापस कर दिए थे।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *