October 30, 2026

100 फीसदी एथनॉल वाले ईंधन को मंजूरी देने पर SC ने सरकार से पूछा-कैसे करेंगे सप्लाई?

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नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को सरकार (Government) से पूछा कि अगर 100 प्रतिशत एथनॉल से चलने वाले वाहनों (ई-100) को अनुमति दी गई है, तो ईधन (100% Ethanol Fuel) की सप्लाई कैसे की जाएगी। ‘एथनॉल सप्लाई ईयर’ (ईएसवाई) 2025-26 (‘Ethanol Supply Year’ (ESY) 2025-26) के लिए एथेनॉल आवंटन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मुद्दे पर हाल ही में आई मीडिया रिपोर्टों का जिक्र किया।

इस दौरान जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा कि हाल ही में हमने कुछ अखबारों की रिपोर्ट देखीं, जिनमें कहा गया है कि 100 प्रतिशत एथनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति दी गई है। पीठ ने पूछा कि हम बस यह जानना चाहते हैं कि अगर 100 प्रतिशत एथनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति दी गई है, तो आप इनकी सप्लाई कैसे करेंगे?


ई-100 को मिली है मंजूरी

इस पर अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा है कि इसके लिए बड़े पैमाने पर विनिर्माण व्यवस्था में बदलाव करने होंगे। गौरतलब है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन अधिसूचित किया था। इसके तहत ई100 यानी लगभग शुद्ध एथनॉल से चलने वाले वाहनों को भी नियमों में शामिल किया गया है। इससे पहले ई-85 जैसे अधिक एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन से चलने वाले वाहनों का प्रावधान था।


क्या कह रही सरकार?

हालांकि, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 27 अक्टूबर को कहा था कि सरकार की पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण मौजूदा 20 प्रतिशत से तत्काल आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने किसानों को सशक्त बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि इस मुद्दे को व्यापक जनहित और पर्यावरण के नजरिये से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी, खासकर गांवों में रहने वाले किसानों के हितों पर भी ध्यान देना होगा।


किसानों से की जाएगी बात

जस्टिस सुंदरेश ने कहा, ”देश की बड़ी आबादी के नजरिये से तीसरा पहलू, जो मुझे सबसे महत्वपूर्ण लगता है, वह किसान हैं। हमें इस पहलू पर ध्यान देना होगा कि किसानों को किस तरह सशक्त बनाया जाए। इस पर कोई भी बात नहीं कर रहा है।” इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह मामले में अपनी दलीलों के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी बात करेंगे। शीर्ष अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने के लिए टाल दी गई। बता दें कि उच्चतम न्यायालय 2025-26 के एथनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए आवंटन बढ़ाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है।

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