Badrinath Kapat Close Date : बद्रीनाथ धाम कपाट बंद होने की तारीख तय, आप कब तक कर सकेंगे दर्शन
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इस साल अभी तक लगभग 21 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं।
चमोली। आंठवें बैकुंठ भगवान बद्री विशाल के कपाट बंद होने की तिथि घोषित हो गई है। विजयदशमी के पावन पर्व पर बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी ने तिथि की घोषणा की। इस साल भगवान बद्री विशाल के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के लिए बंद होंगे। इसी के साथ ही उत्तराखंड में स्थित चारों धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा भी पूरी हो जाएगी।
परंपरा के अनुसार, हर साल विजयदशमी के दिन ही बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित की जाती है। आज भी धाम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दिन पूरे बद्रीनाथ धाम में उत्सव जैसा माहौल रहता है। बामणी गांव के लोग पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर मंदिर परिसर में पहुंचते हैं।
इस दिन धाम की एक अनोखी परंपरा भी निभाई जाती है। अगले बरस की यात्रा व्यवस्था संभालने वाले लोगों को पगड़ी पहनाई जाती है। पांडुकेश्वर और बामणी गांव के भंडारी थोक, मेहता थोक, भट्ट थोक से चार लोगों का चयन किया जाता है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा विधि-विधान से उन्हें पगड़ी पहनाकर मंदिर परिसर की पूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। तिथि घोषणा के समय सभा मंडप में सभी ग्रामीण मौजूद रहते हैं।
बद्रीनाथ धाम में कुछ इस तरीके से होगी कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं शुरू :-
12 नवंबर को भगवान श्री गणेश जी के कपाट बंद होंगे।
13 नवंबर को आदि केदारेश्वर जी के कपाट बंद होंगे।
14 नवंबर को खड्ग-पुस्तक का वाचन और वेदों का पाठ बंद होगा।
15 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को गर्भगृह में विराजमान होने के लिए न्योता दिया जाएगा।
16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर मुख्य कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
इस साल बद्रीनाथ यात्रा ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 20 अक्टूबर तक लगभग 21 लाख श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके थे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। कपाट बंद होने में अभी भी करीब 19 दिन बाकी हैं, ऐसे में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
