मिस इंडिया बनकर बॉलीवुड में मचाया धमाल, शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी, अब हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री बनकर छाईं पूजा बत्रा
पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ था। उनके पिता रवि बत्रा भारतीय सेना में कर्नल थे जबकि उनकी मां नीलम बत्रा ने भी वर्ष 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। पिता की सेना में नौकरी होने के कारण पूजा को बचपन में अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। उन्हें करीब 12 साल की उम्र तक 10 स्कूल बदलने पड़े। बचपन से ही उन्हें खेलों और शारीरिक गतिविधियों में दिलचस्पी थी। यही वजह रही कि उन्होंने आगे चलकर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा और अपनी खूबसूरती के साथ आत्मविश्वास से भी लोगों का ध्यान खींचा।
पूजा बत्रा को शुरुआती पहचान विज्ञापनों से मिली। इसके बाद वर्ष 1993 में उन्होंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीतकर अपने करियर को नई दिशा दी। इस उपलब्धि ने उनके लिए मनोरंजन जगत के दरवाजे खोल दिए। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू किया। वर्ष 1997 में रिलीज हुई फिल्म विरासत उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म में वह अनिल कपूर और तब्बू के साथ नजर आईं। इसके बाद उन्होंने भाई हसीना मान जाएगी दिल ने फिर याद किया कहीं प्यार न हो जाए और नायक द रियल हीरो जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
हालांकि निजी जिंदगी में आए बदलावों ने उनके करियर को भी प्रभावित किया। पूजा बत्रा ने अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन सोनू एस अहलूवालिया से शादी की और लॉस एंजिलिस में रहने लगीं। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद पूजा ने अपने जीवन को नए सिरे से आगे बढ़ाने और अभिनय के क्षेत्र में दोबारा सक्रिय होने की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने भारतीय सिनेमा के साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में भी अवसर तलाशे।
पूजा बत्रा के अंतरराष्ट्रीय करियर का एक अहम पड़ाव वर्ष 2016 में आई साइंस फिक्शन फिल्म वन अंडर द सन रही। इस फिल्म में उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाई। कहानी एक ऐसे अंतरिक्ष मिशन की अकेली बची यात्री के इर्दगिर्द घूमती है जो धरती पर लौटने के बाद अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है। इस किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए पूजा ने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्रियों कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन के बारे में अध्ययन किया। फिल्म की शूटिंग महज 11 दिनों में पूरी हुई थी और इसे कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया।
अभिनय के अलावा पूजा बत्रा ने फिल्म निर्माण की दुनिया में भी कदम बढ़ाया है। वह लॉस एंजिलिस स्थित अपनी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के जरिए विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी हैं। वर्ष 2026 में उनकी कंपनी के निर्माण में बनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान प्रदर्शित किए जाने की जानकारी सामने आई। इस फिल्म में दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज भी नजर आईं।
पूजा बत्रा का सफर बताता है कि जिंदगी में बदलाव आने के बाद भी नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। मिस इंडिया का खिताब जीतने से लेकर बॉलीवुड में पहचान बनाने और हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री की भूमिका निभाने तक उन्होंने अपने करियर में कई अलग-अलग पड़ाव देखे हैं। अब अभिनय के साथ फिल्म निर्माण में उनकी सक्रियता उनके करियर के एक नए अध्याय की ओर इशारा करती है।
