खड़गे की टिप्पणी पर एनडीए नेताओं का विरोध, प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता पर बयान को लेकर माफी की मांग तेज
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने नागपुर में बातचीत के दौरान कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे एक ऐसी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष हैं, जो लगभग 60 से 70 वर्षों तक सत्ता में रही है। ऐसे में पार्टी के प्रमुख का प्रधानमंत्री का अपमान करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां करना गलत है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उनके पद के प्रति सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के बयान से प्रधानमंत्री का अपमान हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए नेता ऐसी टिप्पणियों को सहन नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खड़गे और राहुल गांधी सहित कांग्रेस के नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता-पिता को लेकर समय-समय पर की गई टिप्पणियां भारतीय संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। पाठक ने कहा कि देश की जनता इस तरह के बयानों को स्वीकार नहीं करेगी और संबंधित नेताओं को माफी मांगनी चाहिए।
पाठक ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सत्ता से बाहर रहने के कारण निराश हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के बयानों का असर चुनावों में भी दिखाई दे सकता है। उनके मुताबिक, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ आचरण करने वाले नेताओं को जनता चुनाव के दौरान जवाब देती है।
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने भी खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत माता-पिता को लेकर लगातार अनुचित टिप्पणियां कर रहे हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सारंग ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की भाषा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
सारंग ने कहा कि भारतीय परंपराओं में दिवंगत व्यक्तियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना उचित नहीं माना जाता। उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता पहले भी इस तरह के बयान देते रहे हैं। सारंग के अनुसार, यदि कोई बात अनजाने में एक बार कही जाती है, तो उसे अलग तरह से देखा जा सकता है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि खड़गे ने तीन बार ऐसी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता इस मामले पर अपना जवाब देगी।
महाराष्ट्र भाजपा विधायक राम कदम ने भी खड़गे से माफी की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी नेता के दिवंगत माता-पिता को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। कदम ने कहा कि खड़गे को अपने बयान के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।
राम कदम ने यह भी पूछा कि यदि किसी नेता के अपने पिता के बारे में इसी तरह की अभद्र टिप्पणी की जाए, तो उसे कैसा महसूस होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास राजनीतिक मुद्दों की कमी है और इसी कारण इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टिप्पणी से प्रधानमंत्री के साथ देश के लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
भाजपा विधायक पलटू राम ने भी खड़गे की टिप्पणी को निंदनीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर प्रतिस्पर्धा चल रही है। उन्होंने खड़गे और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
