October 26, 2026

शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में गूंजी खुशखबरी, बांधवगढ़ की रानी MT-3 दूसरी बार बनी मां..

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मध्य प्रदेश: के शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। बांधवगढ़ से लाई गई और ‘बांधवगढ़ की रानी’ के नाम से पहचानी जाने वाली बाघिन MT-3 ने दूसरी बार दो शावकों को जन्म दिया है। इससे रिजर्व में बाघों की नई पीढ़ी के विकास को लेकर उत्साह बढ़ा है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी MT-3 दो शावकों की मां बनी थी। अब उसके साथ दो नए शावक दिखाई दिए हैं।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर नन्हे शावकों की तस्वीरें साझा कर इस खबर की जानकारी दी। माधव टाइगर रिजर्व में अब तक कुल छह शावकों का जन्म हो चुका है। MT-3 के दो नए शावकों के सामने आने के साथ यहां बाघों की कुल संख्या 11 पहुंच गई है। रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने का यह घटनाक्रम वन्यजीव संरक्षण और बाघों के प्राकृतिक प्रजनन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

भरकुली गेट की पूर्वी रेंज में मार्च 2023 के दौरान MT-1 मादा, MT-2 नर और MT-3 मादा बाघ को छोड़ा गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में MT-3 ने पहली बार दो शावकों को जन्म दिया। अब दूसरी बार उसके दो नए शावक सामने आए हैं। इन दोनों शावकों को मिलाकर पूर्वी रेंज में बाघों की संख्या छह हो गई है। इस क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी रिजर्व में उनके कुनबे के विस्तार को दर्शाती है।

रिजर्व की दक्षिणी रेंज में भी बाघों की मौजूदगी बनी हुई है। सेलिंग क्लब गेट के आसपास के क्षेत्र में MT-5 नर और MT-4 मादा बाघ मौजूद हैं। MT-4 के साथ पहले दिखाई दिए दो शावक अब बड़े हो रहे हैं और जंगल में घूमते नजर आने लगे हैं। इन दोनों शावकों को शामिल करने पर दक्षिणी रेंज में बाघों की संख्या चार बताई गई है। वहीं, MT-6 मादा बाघ को जुलाई में भोपाल के वन विहार भेज दिया गया था।

रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के बीच MT-1 की लंबे समय से निगरानी के दौरान मौजूदगी दर्ज नहीं होने का विषय भी वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। दूसरी ओर, MT-3 के दोबारा मां बनने से यहां बाघों के प्रजनन और उनके कुनबे के विस्तार की उम्मीद मजबूत हुई है।

माधव नेशनल पार्क में बाघों को बसाने की शुरुआत 10 मार्च 2023 को हुई थी। उस दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने MT-1 मादा और MT-2 नर बाघ को जंगल में छोड़ा था। इसके बाद 14 मार्च 2023 को MT-3 मादा बाघिन को भी यहां बसाया गया। वर्ष 2024 में उसके पहले दो शावकों का जन्म हुआ।

इसके बाद 7 मार्च 2025 को माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यह मध्य प्रदेश का नौवां और देश का 58वां टाइगर रिजर्व बना। 10 मार्च 2025 को MT-4 मादा बाघिन को यहां छोड़ा गया। बाद में MT-5 नर और MT-6 मादा बाघ को भी रिजर्व में बसाया गया। इस तरह अलग-अलग चरणों में बाघों को यहां लाकर उनकी आबादी विकसित करने का प्रयास किया गया।

माधव टाइगर रिजर्व के संचालक उत्तम शर्मा ने MT-3 के दूसरी बार दो शावकों को जन्म देने की पुष्टि की है। वर्ष 2024 में भी वह दो शावकों को जन्म दे चुकी है। अब नए शावकों के आने से रिजर्व में बाघों की संख्या 11 हो गई है। आने वाले समय में इन शावकों की बढ़त और उनकी मौजूदगी पर वन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।

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