मदरसे में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला, 18 बालक और 8 बालिकाएं रेस्क्यू; अधिकारियों के सामने दर्ज हुए बयान
बच्चों के आरोपों के मुताबिक मामूली गलती होने पर उन्हें लोहे की रॉड पर लटकाकर पीटा जाता था। कुछ बच्चों ने घंटों मुर्गा बनाकर रखने की बात भी कही है। उनका कहना है कि इस तरह की सजा से उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी होती थी। बच्चों ने अधिकारियों को बताया कि वे वहां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी लेकिन बच्चों के बयान के आधार पर प्रशासन और बाल अधिकार से जुड़ी एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं।
बच्चों ने भोजन को लेकर भी शिकायत की है। उनके मुताबिक सुबह और शाम उन्हें दो-दो रोटियां दी जाती थीं और अधिक खाना मांगने पर मना कर दिया जाता था। बालिकाओं ने आरोप लगाया कि मदरसे में आने वाली एक महिला जिन्हें वे बाजी कहती थीं उनसे घरेलू काम करवाती थीं। उनके अनुसार उन्हें झाड़ू-पोछा लगाने बर्तन और कपड़े धोने तथा टॉयलेट साफ करने के लिए कहा जाता था। छत से कपड़े उतारने में देरी होने पर मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
बालिकाओं ने कपड़े पहनने को लेकर दबाव बनाने की बात भी कही है। उनके आरोपों के मुताबिक उन पर हिजाब पहनने के लिए जोर दिया जाता था और विरोध करने पर डराने वाली बातें कही जाती थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित महिला के बेटे की ओर से रात में खिड़की से ताक-झांक की जाती थी। बच्चों का कहना है कि शिकायत के बावजूद उनकी बात पर कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मदरसे से इस्लामिक किताबें और अन्य सामग्री मिलने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों ने इमारत को सील करते हुए संचालक से मदरसा चलाने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। झांसी रोड के एसडीएम अतुल सिंह के मुताबिक मदरसे को सील कर नोटिस जारी किया गया है। बाल कल्याण समिति के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। दस्तावेजों की जांच और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। रेस्क्यू किए गए बच्चों ने अधिकारियों के सामने मदरसे में वापस नहीं जाने की इच्छा जताई है। अब संबंधित विभागों के सामने उनकी सुरक्षित देखभाल शिक्षा और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। साथ ही बच्चों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करना भी जरूरी होगा। फिलहाल मदरसे की इमारत सील है और प्रशासन दस्तावेजों तथा बच्चों के बयानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया कर रहा है।
