October 25, 2026

नवंबर 2026 में दिवाली, धनतेरस, छठ पूजा और देव दीपावली समेत जानें सभी प्रमुख व्रत-त्योहारों की तारीखें

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नई दिल्ली । नवंबर 2026 का महीना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दौरान धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इसके अलावा देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह, कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व भी इसी महीने पड़ेंगे। व्रत और त्योहारों की तारीखों की जानकारी पहले से होने पर लोग अपनी धार्मिक तैयारियां और पूजा-पाठ की योजनाएं व्यवस्थित कर सकते हैं। नवंबर के कैलेंडर में महीने की शुरुआत से लेकर अंतिम सप्ताह तक कई महत्वपूर्ण तिथियां शामिल हैं।

महीने की शुरुआत 1 नवंबर को अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान और कालाष्टमी के साथ होगी। इसके बाद 5 नवंबर को रमा एकादशी, कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी और गोवत्स द्वादशी मनाई जाएगी। 6 नवंबर को धनतेरस, धनत्रयोदशी, यम दीपम और शुक्र प्रदोष व्रत पड़ेंगे। धनतेरस को दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।

धनतेरस की तिथि को लेकर दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसके अगले दिन 7 नवंबर को काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि के पर्व पड़ेंगे।

8 नवंबर, रविवार को दिवाली मनाई जाएगी। इस अवसर पर घरों में दीप जलाने और माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11 बजकर 28 मिनट पर शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी। 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी, काली पूजा, केदार गौरी व्रत और कमला जयंती भी सूची में शामिल हैं। 9 नवंबर को अन्वाधान और कार्तिक अमावस्या के पर्व बताए गए हैं।

10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा और गुजराती नववर्ष मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 11 नवंबर को भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा और चंद्र दर्शन होंगे। 13 नवंबर से छठ पर्व की शुरुआत होगी। इसी दिन नागुला चविथी और लाभ चतुर्थी भी पड़ेंगे। 14 नवंबर को लाभ पंचमी और 15 नवंबर को छठ पूजा का दूसरा दिन तथा स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।

महीने के मध्य में 16 नवंबर को वृश्चिक संक्रांति और जैन अष्टाह्निका का प्रारंभ होगा। 17 नवंबर को गोपाष्टमी, मंडला पूजा प्रारंभ और मासिक दुर्गाष्टमी पड़ेंगे। 18 नवंबर को अक्षय नवमी, आंवला नवमी और जगद्धात्री पूजा मनाई जाएगी।

20 नवंबर को देवउठनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी और भीष्म पंचक का प्रारंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है। 21 नवंबर को तुलसी विवाह, योगेश्वर द्वादशी, गुरुवायुर एकादशी और वैष्णव देवोत्थान एकादशी मनाई जाएगी। 22 नवंबर को विश्वेश्वर व्रत और रवि प्रदोष व्रत पड़ेंगे।

23 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान और कार्तिक चौमासी चौदस मनाई जाएगी। 24 नवंबर को देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और पुष्कर स्नान के पर्व पड़ेंगे। इसी दिन भीष्म पंचक का समापन भी होगा। 25 नवंबर को मार्गशीर्ष मास का प्रारंभ, रोहिणी व्रत और इष्टि होंगे। महीने के अंतिम प्रमुख व्रतों में 27 नवंबर को गणाधिप संकष्टी और मार्गशीर्ष गणेश चतुर्थी शामिल हैं।

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