इंदौर में गर्मी से पहले जलसंकट से निपटने का मेगा प्लान, 6000 ट्यूबवेल सुधारेगा निगम; 100 नए टैंकर खरीदने की तैयारी
नगर निगम का मानना है कि गर्मी शुरू होने से पहले मौजूदा जल स्रोतों को दुरुस्त करना जरूरी है ताकि नर्मदा जलप्रदाय पर दबाव बढ़ने की स्थिति में भी लोगों को स्थानीय स्तर पर पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए शहर में संचालित करीब 6000 बोरिंग की जांच और सर्विसिंग कराई जाएगी। जिन बोरिंग में मोटरें पुरानी हो चुकी हैं या खराब हैं उन्हें बदलने की योजना है। इससे मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और उन इलाकों में वैकल्पिक जलापूर्ति का सहारा मिलेगा जहां गर्मियों में पानी की मांग ज्यादा रहती है।
जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के मुताबिक निगम का ध्यान केवल पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी है। गर्मी के दौरान जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या अधिक होती है वहां वैकल्पिक इंतजाम तैयार किए जाएंगे। इसके लिए बोरिंग की मरम्मत के साथ टैंकरों और नई वितरण लाइनों की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित बस्तियों तक पानी पहुंचाया जा सके।
कम बारिश का असर यशवंत सागर में जमा पानी पर भी पड़ा है। इस बार जलाशय में उसकी क्षमता के मुकाबले कम पानी जमा होने से एरोड्रम रोड और आसपास के क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए नगर निगम नवंबर और दिसंबर में मालवा गंभीर तथा नर्मदा की लाइन के जरिए पानी लाकर यशवंत सागर को भरने का प्रयास करेगा। इसका उद्देश्य मई और जून में पानी की मांग बढ़ने से पहले जलाशय में पर्याप्त पानी उपलब्ध रखने की तैयारी करना है।
पानी की आपूर्ति के लिए निगम करीब 100 नए टैंकर खरीदने की योजना पर भी काम कर रहा है। गर्मी में जिन क्षेत्रों में नियमित जलप्रदाय प्रभावित होगा वहां जरूरत के अनुसार टैंकरों से पानी पहुंचाया जा सकेगा। वहीं ऐसी बस्तियां जहां संकरी गलियों या अन्य कारणों से टैंकर नहीं पहुंच पाते वहां बोरिंग को जोड़कर नई वितरण लाइनें बिछाने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर पानी पहुंचाने के विकल्प बढ़ेंगे और लोगों की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
जल वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गोंदवले धाम आजाद नगर नवलखा और यूनिवर्सिटी कैंपस की चार नई पानी की टंकियों को चालू करने की भी तैयारी है। इनके शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में जल वितरण व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा फलबाग में 30 एमएलडी क्षमता का सम्पवेल बनाया जा रहा है जिसे जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार होने से बीआरटीएस कॉरिडोर से गुजरने वाली 1700 एमएम की मुख्य लाइन और महिला पॉलिटेक्निक क्षेत्र के जल वितरण नेटवर्क को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम की इन तैयारियों का मुख्य उद्देश्य गर्मी शुरू होने से पहले जलप्रदाय से जुड़े संसाधनों को दुरुस्त करना और पानी की बढ़ती मांग के अनुरूप व्यवस्था तैयार करना है। हालांकि योजनाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि मरम्मत टंकियों का संचालन और अन्य कार्य समय पर पूरे हो पाते हैं या नहीं। ऐसे में आने वाले महीनों में इन तैयारियों की प्रगति इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
