शेयर बाजार में जियो का ऐतिहासिक धमाका! 1 करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार कर दुनिया में बनाया नया रिकॉर्ड
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की शुरुआत से ही निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। 21 अक्टूबर को खुला यह इश्यू महज दो घंटे के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। पहले दिन कंपनी के आईपीओ के लिए लगभग 30.5 लाख आवेदन आए। इसके बाद दूसरे दिन के अंत तक आवेदनों की संख्या बढ़कर 75 लाख के पार पहुंच गई। तीसरे दिन निवेशकों की भागीदारी ने एक करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। आईपीओ के अंतिम दिन तक आवेदन 1.2 करोड़ से अधिक हो गए। सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के मुताबिक इश्यू को कुल मिलाकर 22 गुना से ज्यादा बोलियां मिलीं। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 438 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं। योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में भी भारी मांग रही और यह हिस्सा लगभग 70 गुना सब्सक्राइब हुआ।
जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ का प्राइस बैंड 1065 रुपये से 1119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए थे। कंपनी ने इश्यू के अपर प्राइस बैंड पर लगभग 30213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। इसके आधार पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर आंका गया। आईपीओ की एक खास बात यह भी है कि इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज या अन्य मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार इश्यू में नए शेयर जारी किए गए हैं।
आईपीओ खुलने से पहले ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा जताया था। कंपनी ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8110 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 1119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए गए। एंकर निवेशकों की श्रेणी में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलने की बात कही गई। इसमें ब्लैकरॉक फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े वैश्विक निवेशक शामिल थे।
आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपनी कारोबारी योजनाओं को आगे बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स की योजना 27500 करोड़ रुपये तक अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में लगाने की है। शेष राशि का उपयोग पूंजीगत खर्च और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। कुल मिलाकर जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिला यह ऐतिहासिक रिस्पॉन्स भारतीय शेयर बाजार में बड़े सार्वजनिक निर्गमों के प्रति निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। हालांकि आईपीओ में भारी मांग मिलने का मतलब यह नहीं है कि लिस्टिंग के बाद शेयर से मुनाफा होना तय है।
