October 23, 2026

उज्जैन में 48 दिनों से टेंट में विराजमान खड़े हनुमान जी, 450 आवेदन मिलने के बाद अब 25 अक्टूबर की बैठक पर नजर

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मध्य प्रदेश: के उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर का विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया है। छत्री चौक क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्राचीन मंदिर को हटाए जाने के बाद हनुमान जी की प्रतिमा पिछले 48 दिनों से टेंट में विराजमान है। श्रद्धालु लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया जाए। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। अब 25 अक्टूबर के आसपास प्रशासन और संबंधित कमेटी के बीच संभावित बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।

उज्जैन में कंठल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी दौरान खड़े हनुमान जी के प्राचीन मंदिर को हटाया गया था, लेकिन प्रतिमा अब भी उसी स्थान पर टेंट के नीचे रखी हुई है। रोजाना श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर को लेकर भक्तों की मांग है कि प्रतिमा को उचित स्थान और मंदिर में स्थापित किया जाए, ताकि पूजा-अर्चना पहले की तरह हो सके।

इस मुद्दे को लेकर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं। भक्तों का कहना है कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद उनके परम भक्त हनुमान जी को भी मंदिर में स्थान मिलना चाहिए। उनका मानना है कि प्रतिमा का लंबे समय तक टेंट में रहना उनकी आस्था को प्रभावित कर रहा है। इसी मांग को लेकर क्षेत्र में हवन, यज्ञ और सुंदरकांड जैसे धार्मिक आयोजन भी किए गए। इनमें श्रद्धालुओं के साथ साधु-संत और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजनों के दौरान प्रतिमा को मौजूदा स्थान पर ही बनाए रखने की मांग उठाई गई।

विश्व हिंदू परिषद के उज्जैन जिलाध्यक्ष राजेश आंजना के मुताबिक, मामले की स्थिति अब भी पहले दिन जैसी बनी हुई है। उनका कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। संगठन को इस मुद्दे पर अब तक 450 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आंजना के अनुसार, इन आवेदनों के साथ करीब 45 हजार हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। इसके अलावा 150 पंचायतों, व्यापारियों और 50 समाजों की ओर से भी प्रतिमा को उसी स्थान पर रखने की मांग की गई है। ये आंकड़े संगठन की ओर से बताए गए हैं।

मंदिर के आकार और निर्माण को लेकर भी चर्चा हो रही है। आंजना ने कहा कि शासन-प्रशासन को मंदिर के लिए स्पष्ट मापदंड तय करने चाहिए। उन्होंने मंदिर के लिए उपलब्ध जगह और उसके निर्माण से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। हालांकि, अब तक प्रशासन की ओर से किसी प्रस्ताव या अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

इस बीच खड़े हनुमान जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। पुजारी महेश बैरागी के अनुसार, रोजाना लगभग पांच से दस हजार लोग दर्शन करने आते हैं। उनके मुताबिक, इस सप्ताह झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मिजोरम और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस तरह मंदिर से जुड़ा मामला स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा और दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं।

अब 25 अक्टूबर के आसपास प्रशासन और कमेटी के बीच संभावित बैठक को अहम माना जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद इस मामले में प्रशासन से बातचीत कर समाधान चाहता है। फिलहाल प्रतिमा टेंट में ही विराजमान है और श्रद्धालुओं की प्रमुख मांग यही है कि खड़े हनुमान जी को उनके स्थान पर मंदिर में स्थापित किया जाए। बैठक में कोई सहमति बनती है या नहीं, इस पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

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