October 23, 2026

ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसे में 16 मौतों के बाद बड़ा फैसला, हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नगर निगम में नौकरी

0
untitled-1792740485

ग्वालियर । ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को अब रोजगार केGwalior Accident, Sheetla Mata Temple, Municipal Corporation Job, Madhya Pradesh News, Road Safety Investigation जरिए सहारा देने की तैयारी है। ग्वालियर नगर निगम परिषद ने निर्णय लिया है कि हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों की मदद करने पर भी सहमति बनी है। नगर निगम परिषद में इस मुद्दे पर शोक प्रस्ताव के दौरान चर्चा हुई और भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस के पार्षद पीड़ित परिवारों की सहायता के फैसले पर एकमत नजर आए।

18 अक्टूबर की देर रात शीतला माता मंदिर के मुख्य द्वार के पास हुए हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। चीनौर रोड पर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर अनियंत्रित हो गया और लोगों को अपनी चपेट में लेता चला गया। इस दर्दनाक घटना में 16 लोगों की मौत हो गई जबकि 42 लोग घायल हुए। मृतकों में पुरुषों के साथ महिला और बच्चे भी शामिल थे। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अपनों को खोने के दुख के साथ आर्थिक और पारिवारिक मुश्किलें भी खड़ी हो गईं।

नगर निगम परिषद में पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्सिंग पर नौकरी देने का उद्देश्य परिवार को नियमित आय का सहारा उपलब्ध कराना है। हादसे के कारण जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके लिए यह सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि नौकरी की प्रक्रिया कब शुरू होगी और पात्र परिवारों के सदस्यों का चयन किस तरह किया जाएगा इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। परिषद के फैसले को हादसे से प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। घायलों को भी सहायता देने की बात कही गई है। हादसे के बाद कई परिवार इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में आर्थिक मदद और रोजगार संबंधी सहायता उन्हें आगे की जिंदगी संभालने में सहारा दे सकती है।

दूसरी ओर महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने हादसे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी तो धान से भरा ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने सुरक्षा में संभावित चूक की जांच कराने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। हादसे के समय ट्रक पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचलकर मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार से टकरा गया था। टक्कर के कारण दीवार ढह गई और कुछ लोग मलबे में दब गए।

घटना के बाद घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने पुलिस व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप भी लगाए। पुलिस ने ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार किया था। चालक ने पूछताछ में ट्रक के ब्रेक फेल होने की बात कही थी। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई और सिटी एसपी को हटाने के साथ आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। अब नगर निगम के रोजगार संबंधी फैसले से पीड़ित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जबकि सुरक्षा में चूक और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *