₹150 करोड़ की जमीन डील में फिरोज खान से जुड़ा नया VIDEO, अस्पताल में भर्ती कस्तूरीबाई से परिजनों को मिलने से रोकने का आरोप
जानकारी के मुताबिक जमीन के सौदे के कुछ दिन बाद कस्तूरीबाई की तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान कथित तौर पर अस्पताल को सूचना दी गई कि कस्तूरीबाई से किसी को मिलने न दिया जाए। इस घटनाक्रम को जमीन के सौदे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि मुलाकात पर रोक लगाने का निर्देश किसने दिया था और इसके पीछे क्या कारण था इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सामने आए वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच फिरोज खान का करीबी बताया जा रहा एक व्यक्ति मौजूद था। वीडियो में एक अन्य पुलिसकर्मी के नजर आने की बात भी कही गई है। आरोप है कि फिरोज खान के कहने पर अस्पताल को लिखित सूचना दी गई थी ताकि कस्तूरीबाई से उनके परिजन मुलाकात न कर सकें। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उनकी वास्तविक भूमिका को लेकर भी अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
इस घटनाक्रम के बाद कई अहम सवाल उठ रहे हैं। यदि अस्पताल में मुलाकात पर रोक लगाने के लिए लिखित सूचना दी गई थी तो उसे किसने दिया था और उसका आधार क्या था। क्या यह कदम कस्तूरीबाई की चिकित्सा संबंधी जरूरतों के कारण उठाया गया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। क्या इस कथित रोक का जमीन के सौदे से कोई संबंध था। फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है और बिना जांच के किसी व्यक्ति की भूमिका को दोषपूर्ण मानना उचित नहीं होगा।
मामले में लोकायुक्त पुलिस की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। जांच के दौरान जमीन के सौदे में फिरोज खान की बताई जा रही भूमिका अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान हुए घटनाक्रम और कथित लिखित सूचना जैसे पहलुओं को खंगाला जा सकता है। साइबर सेल की मदद से वीडियो से जुड़े तथ्यों की जांच किए जाने की भी बात कही गई है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि वीडियो कब और कहां बनाया गया था उसमें कौन लोग दिखाई दे रहे हैं और क्या उसमें सामने आ रहे दावों की पुष्टि करने वाले दस्तावेज उपलब्ध हैं।
फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर भी लोकायुक्त की जांच चल रही है। इसी जांच से जुड़े अन्य तथ्यों में देवास के दो प्लॉट खरीदने के लिए उनकी पत्नी मां और बेटी द्वारा ऑनलाइन बोली लगाए जाने की बात सामने आई थी। दोनों प्लॉट की बोली करीब 92 लाख रुपये में तय होने और रजिस्ट्री सहित अन्य खर्च जोड़कर कुल लागत लगभग एक करोड़ रुपये होने का उल्लेख किया गया है। इन सभी मामलों में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कस्तूरीबाई से मुलाकात रोकने के कथित निर्देश और जमीन के सौदे के बीच संबंध जांच का अहम पहलू बना हुआ है।
