October 22, 2026

उत्तराखंड में 12 नवंबर से शुरू होगा SSR अभियान

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Uttarakhand-SIR
  • 23 अक्टूबर को होगी EVM की प्रथम स्तरीय जांच

उत्तराखंड में अगले साल यानी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जहां एक ओर राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुटी हुई है, तो वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने भी चुनाव संबंधित तैयारियां तेज कर दी है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक में राजनीतिक दलों को ईवीएम-वीवीपैट (EVM-VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) के प्रस्तावित कार्यक्रम संबंधित जानकारी दी गई।

देवभूमि में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) शुरू होने जा रही है। इसकी जानकारी भी बैठक के दौरान राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की दी गई। बैठक के दौरान, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों को अवगत कराया कि 23 अक्टूबर से भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक, सभी जिलों में प्रथम स्थरीय जांच (FLC) प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों को जानकारी दी कि प्रदेश में 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित विशेष अभियान के तहत 1 लाख 744 आवेदन फॉर्म 6 के प्राप्त हुए हैं। ऐसे में आगामी 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी।

12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। ऐसे में 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 28 दिसंबर 2026 तक दावे-आपत्तियों की सुनवाई भी की जाएगी। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

दावों एवं आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान किसी आक्षेपकर्ता के रूप में मतदाता की ओर से अधिकतम 10 फॉर्म 7 आवेदन पेश किए जा सकते हैं। मतदाता सूची को अपडेट करने की अवधि के दौरान किसी व्यक्तिगत मतदाता की ओर से एक महीने में अधिकतम 5 फॉर्म 7 आवेदन दिए जा सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम के मुताबिक, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सभी 13 जिलों में 23 अक्टूबर 2026 से ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच जांच की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी की देख रेख में ईसीआईएल (निर्माता) के अधिकृत इंजीनियरों की ओर से प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) कराई जाती है।

किसी भी सामान्य/उप चुनाव में केवल प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) में प्रमाणित ईवीएम एवं वीवीपीएटी मशीनों का ही इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के https://www.eci.gov.in/evm-vvpat पर उपलब्ध है।

उत्तराखंड में पूरी हो चुकी है एसआईआर की प्रक्रिया:
गौर हो कि उत्तराखंड में एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण हो गई है। एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से 3 अक्टूबर 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक, उत्तराखंड में 71,58,949 मतदाता हैं।

वहीं, बीती 6 जनवरी 2025 को जारी मतदाता सूची में 84,29,459 मतदाता थे। ऐसे में इसकी तुलना में 17,05,130 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। जबकि, 4,01,276 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। वहीं, एसआईआर में छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 8 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया गया। अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण शुरू होने जा रही है।

 

 

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