दीपावली और छठ पर घर जाना होगा आसान, ग्वालियर-गांधीनगर समेत 4 ट्रेनों में स्लीपर कोच बढ़ाए, नई व्यवस्था लागू
रेलवे के अनुसार कोच व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य यात्रियों की जरूरत के हिसाब से सीटों की उपलब्धता बढ़ाना है। दीपावली और छठ पूजा के आसपास ग्वालियर और झांसी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग गुजरात और महाराष्ट्र की ओर यात्रा करते हैं। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में भीड़ बढ़ने से टिकटों की मांग भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में यात्रियों को कई बार वेटिंग टिकट लेकर सफर की योजना बनानी पड़ती है। स्लीपर कोच बढ़ने से इस श्रेणी में अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध हो सकेंगी।
रेलवे ने जिन ट्रेनों की व्यवस्था में बदलाव किया है उनमें ग्वालियर-गांधीनगर एक्सप्रेस और झांसी-बांद्रा स्पेशल शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन दोनों ट्रेनों में नई कोच व्यवस्था 21 और 22 अक्टूबर से लागू की गई है। बाकी दो ट्रेनों के नाम और उनमें बदलाव लागू होने की तारीख की जानकारी संबंधित रेलवे सूचना से स्पष्ट होने पर ही बताई जा सकती है।
त्योहारों के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में स्लीपर क्लास की मांग अधिक रहती है। बड़ी संख्या में यात्री परिवार के साथ सफर करते हैं और किफायती किराए के कारण स्लीपर श्रेणी को प्राथमिकता देते हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसी श्रेणी में सीटों की कमी और वेटिंग की समस्या सामने आती है। ऐसे में एसी इकोनॉमी कोच घटाकर स्लीपर कोच बढ़ाने का फैसला यात्रियों की मांग के अनुरूप माना जा रहा है।
हालांकि कोचों की संख्या में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि हर ट्रेन में हर तारीख पर सीट मिलना सुनिश्चित हो गया है। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन में उपलब्ध सीटों और टिकट की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए। साथ ही ट्रेन के कोच कंपोजिशन और यात्रा संबंधी ताजा जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक आरक्षण माध्यमों पर भरोसा करना चाहिए।
रेलवे का यह कदम त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए उठाया गया है। स्लीपर कोच में बर्थ बढ़ने से अधिक यात्रियों को आरक्षण मिलने की संभावना बनेगी और उन्हें यात्रा की योजना बनाने में कुछ राहत मिल सकती है।
